47+ Special Anmol Vachan in Hindi with Images | अनमोल वचन हिन्दी

महान लोगों द्वारा दिये गए Anmol Vachan in Hindi. जिनसे आपको मोटिवेशन मिलेगा, और सफलता प्राप्त करने में सहायता मिलेगी, तो चलिए शुरू करते हैं, अनमोल वचन-

साहस प्रदान करने वाले और मन मे अपनी जगह बना देने वाले कुछ महान लोगो के Anmol Vachan in Hindi with Images.

anmol vachan


Anmol Vachan in Hindi


   “लक्ष्य तक पहुंचे या न पहुँचे, प्रयास आखिर तक करना चाहिए। सफल होने पर लक्ष्य प्राप्त होगा और असफल होने पर अनुभव।”


  ” विश्व मे सबसे बड़ी जीत मन की जीत ही है, अतः कुछ जीतना ही है, तो पहले अपने मन को जीतें। “


  ” दूसरों की कमजोरियों को देखने से और उनका पता लगाने से बेहतर है, स्वयं के दुर्गुणों को देख कर उन्हें सुधारना। “


anmol vachan in hindi


   ” समय और स्थितियां निरन्तर परिवर्तनशील रहती हैं, लेकिन सच्चे मित्र कभी भी परिवर्तित नहीं होते। “


  ” किसी को कभी भी दुःख नहीं देना चाहिए। क्योंकि कहा जाता है कि दी हुई चीजें हजार गुना होकर वापस स्वयं को ही मिलती है। “


  ”  दूसरों को प्रेम देना और प्रेमपूर्ण व्यवहार करना सबसे बड़ा उपहार है, और दूसरों का प्रेम प्राप्त कर पाना सबसे बड़ा सम्मान है। “


  ” यदि एक दृष्टिहीन व्यक्ति दूसरे दृष्टिहीन व्यक्ति की सहायता करता है तो निश्चित रूप से दोनों ही खाई में गिरते हैं। ”


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  ” प्रेम और स्नेह ऐसी चीजें हैं जो कि मनुष्य को किसी भी मोड़ पर गिरने से बचा लेते हैं, वहीं क्रोध और बैरभाव ऐसी चीजें हैं जो मनुष्य को कभी बुलंदियों को छूने नहीं देते।”


  ” सार्थक और प्रभावी उपदेश वही है जो शब्दों से नहीं बल्कि आचरण से प्रस्तुत हो सके। “


  ” मनुष्य का मन ही संसार का सबसे सुंदर हिस्सा है। यदि यह स्वच्छ नहीं है और इसमें दूसरों के लिए प्रेम नहीं है तो कितना ही चमकदार चेहरा क्यो न हो, किसी काम का नहीं। “

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Anmol Vachan with Meaning


  ” सफल होने पर सफलता की खुशी मनाना उचित है लेकिन इससे अधिक महत्वपूर्ण है कि अपनी सफलता से सीख ली जाए तथा अधिक अच्छा करने का प्रयत्न किया जाये। “


अर्थात : यदि मेहनत की हो तो सफलता प्राप्त करने से कोई भी आपको रोक नहीं सकता। लेकिन प्रायः यह देखा जाता है कि सफलता प्राप्त करते ही कुछ लोग अपनी मूल प्रकृति से विचलित हो जाते हैं।

उनमें घमण्ड आ जाता है, अपने से छोटे लोगों को वे तुच्छ समझने लगते हैं। जो कि गलत है। महान मनुष्य वही है, जो कि सफलता प्राप्त होने के बाद अपने आचरण में और अधिक उदारता ले आए। तथा अपने जीवन के कुछ भाग को दूसरों की सहायता करने में व्यय करे।


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  ” आनंद, बाह्य स्रोतों से प्राप्त नहीं किया जाता। यह तो हमारे अंदर हमारी आत्मा में बसा हुआ होता है। “


अर्थात : आनंद को प्राप्त करने के लिए किसी को भी कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है। क्योकि खुशियां कहीं खोजने से नहीं मिलेगी खुशियां तो सब जगह होती हैं। स्वयं हमारे अंदर हमारी आत्मा में बसी हुई होती है।

जिसको केवल शांत मन से ढूंढने की जरूरत है। निराशा में भी धनात्मक दृष्टिकोण रखने वाले लोग सदैव ही प्रसन्न रहते हैं।


  ” केवल तर्क करने वाला मस्तिष्क उस धारदार नुकीले हथियार के समान है जो कि उसको छूने वाले हाथों को क्षति पहुंचाता है।”


अर्थात : तर्क से कोई मनुष्य किसी भी विशेष वस्तु के अस्तित्व पर प्रश्न चिह्न अंकित कर देता है। वह अपने संदेहों को सिद्ध करने के लिए कभी कभी ऐसे कटु वचनों का प्रयोग कर देता है जो कि उसको नहीं करने चाहिए,

और ऐसा करके वह न केवल स्वयं का बल्कि दूसरों का भी समय नष्ट करता है। जिसके कारण अन्य लोग भी उसका दण्ड भोगते है।


  ” जो निरन्तर अपने कार्यों को कर्तव्यशील होकर करते हैं, मेहनत कर वे धीरज से काम लेते हैं, कामयाबी उनके कदम चूमती है। “


अर्थात : अपने कार्यों के प्रति गंभीर व्यक्ति जो अपने सभी कार्यों को पूरी कर्तव्यनिष्ठा और लगन के साथ समय पर पूर्ण करते हैं, वे ही व्यक्ति सदा अपने जीवन में सफलता की बुलंदियों को छू पाते हैं।

जीवन में सफलता का मार्ग चुनना तथा इस पर बिना मनोबल गिराए निरंतर चलते रहना बहुत ही कठिन कार्य है, लेकिन जिनके विचार उच्च हों और वे भूमि से जुड़े हुए व्यक्ति हों , मेहनत करने में विश्वास रखते हों उनके लिए सफलता प्राप्त करना आसान होता है तथा उनको सफल होने से कोई भी नहीं रोक सकता।

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अनमोल वचन


  ” सम्बन्ध चाहें कितने ही बुरे क्यों न हों, उन्हें कभी भी नहीं तोड़ना चाहिए। क्योकि जल चाहें कितना ही मलिन क्यों न हो, किसी जगह पर लगी आग को बुझाने के काम जरूर आता है। “


आर्थात | Anmol Vachan in Hindi : जन्म से ही हम सब अनेक सम्बन्धों से जुड़ जाते हैं। उन सम्बन्धों को मृत्यु तक निभाना हमारा कर्तव्य है। जीवन में कभी-कभी ऐसी घटनाएं भी होती हैं, जिनके कारण हमारा उन कुछ सम्बन्धों से विश्वास उठने लग जाता है,

लेकिन जीवन में कितनी अधिक उथल-पुथल क्यों न मच जाए, सम्बन्धों को कभी नहीं तोड़ना चाहिए। सम्बन्ध तोड़कर भविष्य में पछतावा करने से तो बेहतर है कि वर्तमान समय में ही उन सम्बन्धों को बेहतर करने का प्रयत्न किया जाये।


  ” दूसरों की बुराई और उनके अवगुणों को देखना बहुत ही सरल होता है परन्तु स्वयं के अवगुणों को देखकर उन्हें उजागर करने के लिए जिगर की आवश्यकता होती है।”


अर्थात | Anmol Vachan Hindi : जो व्यक्ति स्वयं के अवगुणों को नहीं देख पा रहे हों, वे दूसरों के गुणों को क्या देखेंगे। ऐसे व्यक्ति केवल और केवल अन्य लोगों के अवगुणों को ही देखते हैं।

ऐसे व्यक्ति अपने जीवन मे कभी भी सफलता नहीं प्राप्त कर सकते, अपनी हार का प्रतिकार वे अन्य लोगों पर निकालते हैं। बेहतर यही होगा कि, ऐसे व्यक्ति स्वयं के अवगुणों को देखकर पहले उनको सुधारने का प्रयास करें।


  ” जब लगन और मेहनत एक साथ मिल जाती हैं तो, यह एक अनोखा मेल होता है, इससे किसी भी कार्य मे शीघ्रता और सरलता से सफलता प्राप्त की जा सकती है।”


अर्थात | Anmol Vachan : किसी कार्य के प्रति मेहनत और लगन , चमत्कार की भांति कार्य करते हैं। यदि किसी कार्य को उचित ढंग से, तथा पूरी मेहनत और लगन से किया गया हो, तो वह कार्य अवश्य ही सफल होता है।

मेहनत से ही सभी कार्य सिद्ध होते हैं। तभी कहा गया है कि मेहनत और लगन का मेल अदभुत है और इन दोनों के मिल जाने पर कार्य की सफलता को कोई भी नहीं रोक सकता।


  ” अपने मन को अशांत कर कभी भी युद्ध के बड़े बड़े मैदान नहीं जीते जा सकते। और युद्ध मे प्राप्त हुई विजय भी कभी मन और खुशियों को नहीं जीत सकती है।”


अर्थात | अनमोल वचन हिन्दी : यदि मन मे हलचल हो रही हो, और मन अशांत हो तो, छोटी छोटी परेशानियां बहुत बड़ी कठिनाई जैसी प्रतीत होने लगती है। लेकिन यदि मन शांत हो तो हम बड़ी बड़ी कठिनाइयों को भी पल भर में प्रसन्नता के साथ सुलझा सकते हैं।

यह स्थिति युद्ध के मैदान की तरह है,  जय-पराजय लगी ही रहती है। लेकिन अपने मेब को शांत रखने और हर परिस्थिति मे प्रसन्न रहना ही हमारा कर्तव्य है।


  ” सलाह देने वाले लोगों की अपेक्षा अपनी आत्मा की आवाज सुनना अधिक बेहतर होता है।”


अर्थात | Anmol Vachan in Hindi : संसार मे जितने लोग होंगें उतनी ही बातें भी होंगी क्योंकि सबके अपने-अपने स्वतंत्र विचार होते हैं। और समाज सबको उनकी बात सबके सम्मुख प्रस्तुत करने की पूरी स्वतंत्रता प्रदान करता है।

अतः सबकी बातें सुनिए, ताकि उनको बुरा न लगे लेकिन करिए वही जो आपका हृदय कहता है। क्योंकि करना तो आपको ही है, सलाह देने वालों को नहीं।


अनमोल वचन हिन्दी


  ” गुण और अवगुण सभी मे होता है। लेकिन जो इनपर ध्यान नहीं देते और अपने ऊपर मेहनत नहीं करते उनके गुण सदा छिपे रहते हैं, औऱ जो इसको निखारते है, उनके गुण इतिहास के पन्नो पर छप जाते हैं।”


अर्थात | Anmol Vachan : ईश्वर ने मनुष्य को धरती का सबसे बुद्धिशाली जीव बनाया है। मनुष्य किसी वस्तु के बारे में सोच – समझ सकता है। अतः उसके अंदर जो उसके दोष और गुण छिपे हुए होते हैं ,

उनको बाहर लाने की जिम्मेदारी भी उसी की है। मनुष्य यदि चाहे तो अपने गुणों में वृध्दि से अपने अंदर आए अवगुणों को छिपा सकता है, क्योंकि समाज वही देखता है जो कि हम उसे दिखाना चाहें।

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Anmol Vachan in Hindi with Image


  ” मनुष्य के मन मे ही स्वर्ग और नर्क दोनों होते हैं। अब यह उसको तय करना होता है कि उसे क्या चाहिए!”


अर्थात | अच्छे अनमोल वचन : मनुष्य अपने कर्मों के आधार पर ही अपने मन को स्वर्ग अथवा नरक बनाता है। लेकिन मनुष्य को ही तय करना होगा कि, उसको कैसे कर्म करने हैं यह उस पर ही निर्भर करता है।

वह चाहें तो अपने अच्छे कर्मों से स्वयं के मन मे अच्छे विचारों को रखकर मन को मन्दिर बना सकता है चाहे तो स्वयं के पतन का कारण स्वयं बन सकता है।


  ” जिस प्रकार ठंडा लोहा ही गर्म लोहे को काट-पिट सकता है, उसको उचित आकार प्रदान कर सकता है, ठीक उसी प्रकार मन की शीतलता ही सफलता दिला सकती है।”


अर्थात | Anmol Vachan in Hindi : जीवन मे सदा मन को शीतलता प्रदान करने वाली चीजें करनी चाहिए। ताकि मन सदैव शांत रहे और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में जुटा रहे। सदैव यह सोचना चाहिए, कि हमारा कार्य ही हमारे लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।

जिस प्रकार लोहे को एक निश्चित आकार प्रदान करने के लिए उसको ठोकना – पीटना पड़ता है, ठोकने-पीटने के लिए सांचे वाले लोहे को गर्म करना पड़ता है, और एक ठंडे लोहे की सहायता से ही उसको आकार दिया जाता है। उसी प्रकार मन की शीतलता भी सफलता के लिए आवश्यक है।


  ” किसी को पराजित करना बहुत आसान है, लेकिन किसी को विजियी करवाने के लिए पराजित हो जाना बहुत कठिन है।”


अर्थात | जीवन के अनमोल वचन : किसी प्रकार की प्रतियोगिता अथवा द्वंद्व में स्वयं की बहादुरी से विपक्ष को पराजित करना बड़ी बात है, लेकिन उसी द्वंद्व में यदि विपक्ष वाला आपका परिचित हो तो उनकी प्रसन्नता के लिए यदि आप उस द्वंद्व में विजयी होने पर भी पराजित हो जाते हैं तो यही वास्तव में आपकी सबसे बड़ी जीत होगी,

क्योंकि दूसरों की प्रसन्नता के लिए दिया गया बलिदान किसी बहुत बड़ा पुरुस्कार पाने के बराबर है। आपको अपने विजयी होने पर जितनी प्रसन्नता हुई ,विश्वास करिए दूसरों की खुशी के लिए पराजित होने पर आपको अपनी जीत से भी अधिक प्रसन्नता का अनुभव होगा।


  ” किसी अपने परिचित हृदय को आहत करने के डर से यदि अपनी गलती न होने पर भी गलती को स्वीकार कर लिया जाए, तो यह करना भी उचित है। “


अर्थात | Anmol Vachan : हमारे वचनों या फिर किसी कृत्य की वजह से किसी अन्य को कोई भी परेशानी नहीं होनी चाहिए। सदैव दूसरों को प्रसन्न रखने का प्रयास करें।  पूरा प्रयास करना चाहिए कि आपके कारण किसी अन्य को गलती से भी कभी कोई हानि न पहुंचे।

सदा ही दूसरों की सहायता करनी चाहिए, दूसरों की सहायता करने से न ही वह व्यक्ति बड़ा हो जाएगा न ही आप उससे छोटे होंगे। कभी आवश्यकता हो तो अपनी भूल न होने पर भी दूसरों की प्रसन्नता के लिए उसे अपनी ही भूल समझकर स्वीकार कर लेना चाहिए।


  ” वास्तव में अपने लोग वे नही होते हैं, जिनकी वजह से हमे कठिनाइयों का सामना करना पड़े, अपने तो वे होते हैं जो कभी हमारी आंखों में आँसू न आने दें। “


अर्थात | अनमोल वचन हिन्दी : कठिनाइयां सभी के जीवन मे आती है, लेकिन हमारी वजह से दूसरों को कोई कठिनाई हो यह उचित नहीं है। यदि दूसरों के जीवन मे कोई भी कठिनाई आई है तो, उसमें उनकी सहायता करनी चाहिए।

जिससे कि उनका कठिन समय बीत जाए और जब आपके जीवन में कोई कठिनाई आए तो वे आपकी भी कठिनाई से बाहर निकलने में अपना सहयोग प्रदान कर सकें। यही सच्चा मानव धर्म है औऱ एक सच्चा मित्र होने का कर्तव्य भी।

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Anmol Vachan


  ” जीवन में जब आप सफलता की सीढ़ी चढ़ रहे हों तब सभी लोगो से अच्छा व्यवहार करें। क्योंकि जब आप नीचे आ रहे होंगे तब यही लोग आपको मिलेंगे और आपकी सहायता भी करेंगे। “


अर्थात | अच्छे अनमोल वचन : सफलता प्राप्त करना बहित कठिन होता है, इसे प्राप्त करने के लिए कई लोग सहायता भी करते हैं सभी लोग अपनी -अपनी क्षमता के अनुसार ही सहायता करते हैं।

अतः सफलता प्राप्त हो जाने के बाद ऐसे व्यक्तियों को कभी नहीं भूलना चाहिए जो कि आपके कठिन समय मे आपकी सहायता कर रहे थे। क्योंकि समय किसी का नहीं होता। बाद में  अपका भी बुरा समय आने वही लोग होंगे जो आपकी फिर से सहायता करेंगे।


  ” केवल चेहरे से अच्छा दिखना पर्याप्त नहीं है। अतः अच्छा बनने के लिए नहीं किन्तु अच्छा बनने और व्यवहार में अच्छाई लाने के लिए जीवन जियें। “


अर्थात | Anmol Vachan in Hindi : स्वयं को उत्तम बनाने के लिए अच्छे शरीर की नहीं बल्कि अच्छे आचरण और अच्छे व्यक्तित्व की आवश्यकता है। जीवन मे कुछ ऐसे लोगों का होना बहुत ही आवश्यक है।

जो कि आपकी कर कठिन समय मे सहायता कर सकें। ऐसे मित्र बड़ी ही मुश्किल से मिलते हैं, और ऐसी मित्रता को सदैव संजोकर रखना चाहिए क्योंकि ऐसे मित्र बार बार नहीं मिलते। मित्रता ऐसी ही होनी चाहिए पावन और निश्छल। अपना जीवन ऐसे ही अच्छे कार्यों में लगाना चाहिए, तभी आपका जीवन सफल होगा।


  ” शिक्षा मानव की सबसे अच्छी मित्र है। एक शिक्षित व्यक्ति हर प्रकार के समाज मे सम्मान पता है। शिक्षा सुंदरता और यौवन को भी परास्त कर सकती है।


अर्थात | जीवन के अनमोल वचन : वर्तमान समय में एक मनुष्य के लिए जितना अधिक स्वांस लेना महत्वपूर्ण है, उतनी ही शिक्षा भी। एक शिक्षित मनुष्य अपने आने वाली कई पीढ़ियों को शिक्षित करता है। शिक्षित व्यक्ति ही शिक्षा का मोल समझ सकता है।

शिक्षा ही वह कारक है जिसके कारण मानव को समाज मे सम्मान मिलता है। यदि कोई मनुष्य सुंदर है, लेकिन वह शिक्षित नहीं है, तो उसकी केवल सुंदरता का कोई लाभ नहीं। शिक्षा सुंदरता से परे है। शिक्षा का महत्व सुंदरता से कई गुना अधिक है।

  ” जब मित्र प्रगति के पथ पर अग्रसर हो और सफलता प्राप्त कर ले तो गर्व से कहना चाहिए कि वह हमारा मित्र है। और यदि वही मित्र संकट मे हो तब भी गर्व से कहना चाहिए कि हम उसके मित्र हैं। “


अर्थात | जीवन के अनमोल वचन : जीवन में कई ऐसे क्षण आते हैं जिनसे स्वयं को बहुत ही हर्ष होता है, जिस प्रकार हम अपनी किसी कार्य के सफल होने पर प्रसन्न होते हैं, ठीक उसी प्रकार हमें दूसरों की सफलता में भी खुश होना चाहिए। मित्रता की बात करें तो, मित्रता को तो बहुत आसानी से जा सकती है किंतु इसे निभा पाना कोई आसान बात नहीं है।

मित्रता को बनाए रखने के लिए जब कभी कोई अपना मित्र सफल हो जाए तो उसकी सफलता की खुशी में सम्मिलित होकर स्वयं भी प्रसन्न रहना चाहिये तथा यदि कभी आपका कोई मित्र कठिनाई में पड़ जाए तो उस समय उसकी सहायता करने के लिए सबसे आगे होना चाहिए, तभी मित्रता सच्ची मित्रता कहलाएगी।


  ” मूर्ख लोगो से कभी भी तर्क-वितर्क नहीं करने चाहिए। क्योंकि तर्क करने पर पहले तो वे आपको अपने ही स्तर पर ले आएंगे , फिर अपने स्तर के अनुभवों से आपको पराजित कर देंगे। “


अर्थात | अनमोल वचन हिन्दी : मन्दबुद्धि लोगों से बात करने का कोई, लाभ नही क्योंकि वे हर बात का अपनी सोचने की क्षमता के अनुरूप अलग ही अर्थ निकाल कर उस पर बहस करने लगते हैं। इतना ही नहीं उनके तर्कों में रत्ती भर भी बल नहीं होता लेकिन फिर भी वे लगे रहते हैं।

ऐसा करने से पहले तो वे सामने वाले व्यक्ति को अपने स्तर तक लाते हैं, फिर स्वयं के तर्कों को बता-बताकर उसमें विजयी हो जाते हैं। एक बुद्धिमान व्यक्ति वही है, जो ऐसी परिस्थितियों में मौन का साथ दे और तर्क करने में अपना समय बर्बाद न करे।

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अनमोल वचन


  ” अपने चरित्र को नदी के पानी की तरह बनाना चाहिए, जो कि अपना मार्ग स्वयं प्रशस्त कर लेता है, पत्थर की तरह कभी भी बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए क्योंकि पत्थर स्वयं तो रुका हुआ होता ही है, साथ ही अन्यों के मार्ग में भी बाधा पहुंचाने की कोशिश करता है।”


अर्थात | Anmol Vachan in Hindi with Image : मनुष्य को स्वयं को और स्वयं के व्यक्तित्व को इस प्रकार का बनाना चाहिए जिससे कि, वह किसी भी परिस्थिति में रच – बस सके। उसका आचरण हर परिस्थिति के अनुरूप हो, जिस प्रकार नदी का जल  मार्ग में अड़चनें आने पर भी उनको पार कर निरन्तर बहता रहता है,

उसी प्रकार मनुष्य को भी अपने चरित्र को इसी प्रकार का बनाना चाहिए, जिससे कि वह किसी भी प्रकार के समाज में जाए तो वह सम्मान का पात्र बन सके। यदि मनुष्य उस पत्थर, जो कि नदी के मार्ग में बाधा उतपन्न करता है, के समान आचरण करेगा तो वह कभी भी किसी भी समाज मे सम्मान पाने के लायक नहीं होगा।


  ” जिस प्रकार ब्रह्माण्ड में ईश्वर का वास परमात्मा के रूप में है, उसी प्रकार हमारे तन के अंदर भी ईश्वर का वास आत्मा के रूप में है। “


अर्थात | Anmol Vachan in Hindi : ईश्वर हर कण में विद्यमान है। हम में भी, और हर प्रकार के जीव-जंतुओं, वृक्षों आदि में जो जीवितावस्था होती है, यह परमात्मा का ही अंश हमारे अंदर होता है। जिस प्रकार हम ईश्वर की आराधना कर ईश्वर को अपने पास ही पाते हैं, उसी प्रकार ईश्वर पूरे ब्रह्मांड में स्थित हैं। ब्रह्माण्ड की एक-एक रचना उनके द्वारा ही की गई है।

वही हमारे पालनहार हैं, प्रकृति में जो भी घटनाएं होती हैं वे सब ईश्वर की दया का ही प्रतीक है।  ईश्वर चाहें तो इस संसार को अपने रौद्र रूप से पल भर में ही खत्म कर सकते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं करते क्योंकि हमारे अंदर या फिर प्रकृति के हर उस कण में जो कि ईश्वर द्वारा रचा गया है सभी मे ईश्वर का वास है।


  ” असफलता आपके जीवन यात्रा का केवल एक मोड़ होता है न कि जीवन के यात्रा की समाप्ति।”


अर्थात | Anmol Vachan : जीवन मे आने वाली असफ़लताओं से घबराना नहीं चाहिए क्योंकि यदि आपकी मेहनत और लगन सच्ची है तो आप एक न एक दिन सफल आवश्य हो जाएंगे। एक छोटी सी असफ़लता मनुष्य को अपने प्रयासों को छोड़ना नहीं चाहिए, क्योंकि प्रयास हमेशा सही होते हैं  बस उनको सही समय और सही दिशा में करने की जरूरत होती है,

और निश्चित ही सफलता प्राप्त होती है। कुछ लोग तो अपनी असफलता को इतना मन से लगा लेते हैं कि अपने जीवन को ही खत्म करने की सोचते हैं, लेकिन असफलता, जीवन खत्म करने का अवसर नहीं होती। बल्कि यहां से एक नई शुरुआत करने की आवश्यकता है।


  ” सम्भव और असम्भव के बीच का फासला , सोचने वाले व्यक्ति के ऊपर निर्भर करता है। “


अर्थात | अनमोल वचन हिन्दी : कुछ करना या न करना व्यक्ति की सोच पर निर्भर करता है। यदि वह किसी कार्य को तुच्छ समझ कर करता है, तो वह कार्य उसे सरल लगता है और उस कार्य को आसानी से कर सकता है।

लेकिन यदि मनुष्य शुरुआत से ही किसी कार्य को कठिन और पहाड़ जैसा रूप प्रदान कर देता है तो वह कार्य उसको बहुत कठिन लगता है जिस वजह से वह कार्य नहीं कर पाता औऱ वह बार बार असफलता ही हाथ लगती है। इसलिए किसी भी कार्य को असम्भव सोचने से पहले एक बार उस कार्य को दूसरी दृष्टि से आवश्य देख लेना चाहिए।


  ” स्वयं के गुणों को संवारने और स्वयं की सफलता की तैयारी मे इतना समय लगा देना चाहिए कि दूसरों के अवगुणों के बारे में बात करने का समय ही न मिले।”


अर्थात | Anmol Vachan in Hindi : सफलता की तैयारी इस प्रकार करनी चाहिए कि उसकी तैयारी में हम पूरा समय अपनी तैयारी को ही दे देना चाहिए। इतना समय कि किसी और चीज के बारे में सोचने का समय ही न मिले।

यह दूसरों के अवगुणों को गिनने से बेहतर कार्य है, साथ ही इस कार्य को करने से कुछ अच्छा ही होता है। दूसरों की बुराई या अवगुणों को गिनने से हम दूसरों की नजरों में बुरे तो बनते ही हैं साथ ही हमारा दिन प्रतिदिन पतन भी होता रहता है।


  ” यदि कोई आपको केवल काम पड़ने पर और अपने मतलब याद करता है, तो बुरा मत मानिए, क्योंकि दीये की याद तभी आती है जब आस-पास अंधकार हो।”


अर्थात | Anmol Vachan in Hindi with Image : कोई स्वार्थी मनुष्य जब आपको केवल कार्य के लिए या अपने स्वार्थ के लिए याद करता है, तो बुरा मत मानिये उसका वह कार्य करने में उसकी सहायता कर दीजिए क्योंकि आप उस लायक हैं कि उनका मार्गदर्शन कर सकें।

जिस प्रकार दिए का मूल्य दिन के उजाले में समझ नहीं आता, दिया केवल रात के अंधकार को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है। आप भी उस दिए कि तरह ही हैं जो कि स्वयं के प्रकाश से दूसरों के जीवन का अंधकार रूपी कठिनाई को दूर कर सकते हो।


  ” जीवन में कभी किसी को भी छोटा नहीं समझना चाहिए, क्योंकि जहाँ तलवार से काम न चले वहाँ एक छोटी सी सुई काम आ जाती है।”


अर्थात | Anmol Vachan : कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता कार्य तो कार्य होता है, उसी प्रकार मनुष्य भी नीच या महान नहीं होता। स्वयं को महान और दूसरों को तुच्छ समझने की गलती न करें। क्योकि यदि आप दूसरों को तुच्छ समझेंगे तो उनके साथ गलत व्यवहार करेंगे ,

और गलत व्यवहार करने पर उनके मन को ठेस पहुंचेगी। क्या पता भविष्य में आपको उनसे कोई कार्य पड़ सकता है लेकिन आपके पुराने व्यवहार के कारण वे आपकी सहायता करने से पहले बहुत बार सोचेंगे और तब तक बहुत देर हो चुकी होगी।


  ” यदि आप सकारात्मक आचरण अपनाना चाहते हैं तो उच्च चरित्र वाले व्यक्तियों के साथ समय बिताए, तथा अच्छी पुस्तकों को अपना मित्र बनाइए।”


अर्थात | Anmol Vachan in Hindi : यदि आप स्वयं में बदलाव लाना चाहते हैं , और स्वयं को धनात्मक और सही मार्ग में अग्रसर कराना चाहते हैं तो बुरी संगत को छोड़ना होगा। बुरी संगत कभी भी आपको सफल नहीं होने दे सकती। अच्छे व्यक्तियोन को अपना साथी बनाइये,

तथा उनसे ज्ञान की अच्छी अच्छी बातें सीखिए। यदि कोई व्यक्ति नहीं हैं साथ के लिए तो पुस्तकों को अपना साथी बनाइये। विश्वास करिए, पुस्तकों से अच्छा मित्र कोई नहीं हो सकता, यदि वे आपको सफल करने में सक्षम नहीं होंगी टी कम से कम आपके पतन का कारण तो बिल्कुल भी नहीं बनेंगी।


  ” अन्याय करने वाला उतना दोषी नहीं होता, जितना कि अन्याय सहन करने वाला होता है। “


अर्थात | अच्छे अनमोल वचन : अन्याय करना और अन्याय को सहन करना दोनों ही बहुत ही गलत बातें हैं। वास्तव में जो न्याय कर रहा है वह उतना दोषी नहीं है, जो  अन्याय सह रहा होता है वह ही सबसे बड़ा दोषी होता है। अपने ऊपर होने वाले किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठानी चाहिए,

तथा अपने हक़ के लिए सदा प्रयासरत रहना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर कानून और बाहरी कड़ियों की भी सहायता अन्याय से लड़ने के लिए लेनी ही चाहिए। तभी लोग अन्याय करने से फके सौ बार सोचेंगे।


  ” अपनी उदारता और सेवा से शत्रु भी मित्र बन जाते हैं।”


अर्थात | Anmol Vachan : ” जब अन्य लोग आपके साथ गलत व्यवहार करें तो दुखी न होएं बल्कि प्रयास करें यह जानने का कि आपसे जिस वजह से वो लोग गलत व्यवहार कर रहें हैं वह किस वजह से कर रहे हैं! हो सकता है कि आपके अच्छे व्यवहार के कारण उसका हृदय परिवर्तन हो जाए,

और वह व्यक्ति आपके शत्रु की बजाए आपका मित्र बन जाए। अतः सबके साथ मिलजुलकर और प्रेमपूर्वक रहें। और सभी के साथ अच्छा व्यवहार करें। क्योंकि प्रेम का मार्ग सबसे उत्तम मार्ग होता है प्रेम के प्रयोग से पत्थर हृदय को भी पिघलाया जा सकता है।


अनमोल वचन हिन्दी


  ” थोड़ा सा क्रियात्मक अभ्यास, बहुत से उपदेशों से बेहतर होता है।”


अर्थात | अनमोल वचन हिन्दी : कर्म करें तथा कर्म करने में ही विश्वास रखें। बहुत से लोग ऐसे मिलेंगे जीवन मे जो कहेंगे कि आपको ये करना चाहिए, वो करना चाहिए, लेकिन आपको उनकी बातों को केवल सुनना है, उसकी प्रतिक्रिया देने की भी जरूरत नहीं है,

क्योंकि बड़े लोग अक्सर छोटों से टोके जाने पर नाराज हो जाते हैं जो कि छोटों को शोभा नहीं देता। सबकी सुनिए लेकिन जो आपका मन कहता है वही करिए। क्योंकि करना केवल आपको है। जो उपदेश दे रहे हैं उनकी नहीं। कर्म करने से ही सफलता मिलेगी और लक्ष्य की प्राप्ति भी होगी।


  ” शिक्षा ही सफलता के बन्द सुनहरे दरवाजे की कुंजी होती है।”


अर्थात | जीवन के अनमोल वचन : सफलता एक बन्द दरवाजे के समान है। जिसको प्राप्त करने के लिये शिक्षा ही वह कुन्जी है जो कि आपके भविष्य का निर्धारण करती है। सफलता को प्राप्त करने का मार्ग बहुत ही कठिन और दुर्गम होता है इसको प्राप्त करने के लिए नित्य मेहनत लगन और परिश्रम की आवश्यकता होती है।

जितना हो सके सफलता प्राप्त करने के लिए इतना ही प्रयास करिए। याद रखिये की जितनी परेशानी आप अपनी सफलता को प्राप्त करने के लिए झरेल रहे हैं सफलता मिल जाने के बाद आपको उतना ही सुख भी प्राप्त होगा।


  ” असफलता मिलने पर आंसू पोछने वाला एक हाथ , सफलता के समय पीठ थपथपाने वाले कई हाथों से बेहतर है। “


अर्थात | अनमोल वचन हिन्दी : सुख में तो सभी साथ होते हैं। लेकिन जब हम दुखी होते हैं या हमारे ऊपर विपत्ति का समय आया हो तो, कोई ही लोग होते हैं जो साथ देने के लिए हमारे साथ खड़े होते हैं। अन्य लोग किसी की सहायता करना ही नहीं चाहते, वजह चाहें जो भी हो। लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि उनका भी बुरा समय आएगा,

और उनको भी उस समय किसी के सहारे की आवश्यकता होगी। जो व्यक्ति दुख और विपत्ति में साथ देते हैं वे जीवन के महत्वपूर्ण हिस्सों में से होने चाहिए सुर उनका साथ भी उसी प्रकार देना चाहिए जिस प्रकार वे आपके साथ आपके बुरे समय मे आपका साथ दे रहे थे।


  ” विजेता बोलते हैं कि मैं कुछ करूँगा। निराश लोग बोलते हैं, हमसे कुछ नहीं होगा।”


अर्थात | Anmol Vachan in Hindi : कुछ कर दिखाने वालों की बात ही कुछ और होती है। वे हर कार्य को अलग ही ढंग से करने का प्रयास करते हैं। साधारण लोग थोड़े ही प्रयास करने के बाद हार मान लेते हैं। सभी लोगों को यह प्रयास करना चाहिए,

कि, वे भी अपने जीवन में किसी भी कार्य को करें तो उसको पूरा कर के ही दम लें। क्योंकि किसी कार्य को आधे में ही छोड़ देना वो भी केवल कुछ प्रयासों के असफल हो जाने से यह कोई प्रशंसा की बात नहीं है। ऐसा करके लोगों में गक्त सन्देश भी जाता है।


  यदि कोई आप पर व्यंग्य करता है, और कटु वचन बोलता है, तो बुरा मत मानिये, क्योंकि जो स्वयं सफल नहीं हो पाते वे अपनी वाणी से इन बातों को कहकर केवल आपका मनोबल गिराना चाहते हैं।”


अर्थात | Anmol Vachan in Hindi with Image :  जो स्वयं अपने जीवन मे कुछ नहीं कर सके वे दूसरों को क्या समझाएंगे। दूसरों की कटु वाणी पर कभी विश्वास मत कीजिए। बल्कि उनको एक कण से सुनकर दूसरे से बाहर निकाल देना चाहिए। दूसरों की बातों पर ध्यान मत दीजिए.

क्योंकि ये आपका मनोबल गिरा सकती हैं। अतः इनको अनसुना कर अपने प्रयासों में पुनः लग जाना ही समझदारी है। यही प्रयास आपको आपके कार्य में सफलता दिलाने में सहायक होगी और सफलता मिल जाने प दूसरों के मुह को बंद कराने में भी।


  ” जीवन मे बार बार प्रयास करने पर भी असफलता मिलने पर, अपने कार्य करने के तरीके बदलने चाहिए न की प्रयास। “


अर्थात | अनमोल वचन हिन्दी : जीवन मे मिली असफलताओं से कभी भी अपने मनोबल को गिरने नहीं देना चाहिए बल्कि अपनी असफलता के पीछे छिपे कारण को खोजने का प्रयास करना चाहिए। जैसे ही आपको अपनी गलती दिखेगी औऱ उसको सुधार कर आप फिर प्रयास करेंगे तो निश्चित ही आप सफल हो जाएंगे। अन्यथा आपको यही क्रम जारी रखना होगा।


  ” ईश्वर से कभी आसान जीवन की कामना करिए, बल्कि ईश्वर से अपने जीवन में आने वाली कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति मांगनी चाहिए। “


अर्थात | Anmol Vachan in Hindi : अप्रत्यक्ष रूप से ईश्वर हमारे मुश्किलों मे साथ देने वाले सहायक होते हैं। उनका केवल नाम लेने से ही हमारी मुश्किलें दूर हो जाती हैं और हमे अपनी मुश्किलों से लड़ने की शक्ति मिलती है। सदैव ईश्वर का सुमिरन करना चाहिए और यह सोचना चाहिए,

कि ईश्वर हर पल हमारे साथ हैं। एक सरल जीवन की कामना ईश्वर से कभी नहीं करनी चाहिए बल्कि हमे तो ईश्वर से हमारे जीवन मे आई कठिनाइयों को दूर करने की क्षमता हमे प्रदान करने की कामना करनी चाहिए। क्योंकि एक सरल जीवन जीकर जीने से अच्छा है, संघर्ष भरे जीवन मे लड़ते लड़ते मर जाना।


Anmol Vachan in Hindi


  यदि आप लक्ष्य तक पहुंचने में बार बार असफल हो रहे हैं तो आपको अपने तरीके बदलने की जरूरत है। अपने प्रयासों को जारी रखें लेकिन नए तरीकों के साथ।


  संसार मे किसी भी पुरुस्कार को जीतना, मन को जीतने के बराबर नहीं है। मन पर जिसने काबू पा लिया, अथवा जिसने अपने मन पर विजय प्राप्त कर ली वही संसार मे सब कुछ कर सकता है,

वही योग्य है। मन को जीतने का अर्थ है कि, मन को अपने अधीन कर लेना। जिसने अपने मन को अपने अधीन कर लिया वही सच्चा व्यक्ति कहलाता है।


  गुण और दोष किसमे नहीं होते! मनुष्य का मन इन्हीं दो कारकों से स्वयं को आपको प्रस्तुत करता है। दूसरों को उनके अवगुणों को बनाने वालों को एक बार स्वयं को अपने आंतरिक मन रूपी दर्पण मे देख लेना चाहिए। दूसरों को उनके अपराधों का बोध कराने से बेहतर है , स्वयं को सुधारने में अपने समय का सदुपयोग करना।


  जब कभी मनुष्य पर विपत्ति आती है, तो उसके परिचित कई लोग ऐसे भी होते हैं जो कि इन परिस्थितियों में उसको छोड़कर चले जाते हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो उसकी सहायता के लिए आगे आते हैं।

असल मे वही लोग सच्चे मित्र होते हैं औऱ सगे रिश्तों से भी अधिक महत्वपूर्ण होते हैं।


  ईश्वर ने सभी मनुष्यो में भावनोएँ और उन भावनाओं को प्रदर्शित करने की क्षमता भी प्रदान की है । यह मनुष्य पर निर्भर करता है कि वह अपनी भावनाओं को प्रेम पूर्वक प्रदर्शित करता है,

या फिर दूसरों को कष्ट और दुख पहुंचाकर। यदि मनुष्य प्रेम द्वारा उन भावनाओं को व्यक्त करता है तो उसे भी अन्य लोगो से प्रेम ही वापस मिलेगा अन्यथा दुःख और कष्टों को उसे भी भोगना पड़ेगा।


जीवन के अनमोल वचन


  प्रेम बहुत ही अनमोल भावना है, इसे जितना बाँटते है यह उतना ही बढ़ता है। यदि हम दूसरों को प्रेम दे रहे हैं और दूसरों को इससे प्रसन्नता हो रही है तो यह हमारे द्वारा दूसरों को दिया गया सबसे अनमोल उपहार स्वरूप है। और यदि हमारे प्रेम के बदले अन्य लोग भी हमे प्रेम दे रहे हैं तो इससे बड़ा सम्मान कोई दूसरा नहीं है।


  यदि कोई व्यक्ति मूर्खता पूर्ण बातें करता है तो जरूरी नहीं है कि अन्य भी उसकी बातों पर अपना समय व्यर्थ करें। यदि कोई ऐसा कर भी रहा है तो वह व्यक्ति भी मूर्खों की श्रेणी में आएगा।

यदि मूर्ख-मूर्ख एक साथ मिल जाएंगे तो दोनों को साथ तो अच्छा मिल जाएगा लेकिन वे दोनों ही अपनी मूर्खता के कारण 1 दिन बहुत बड़े संकट में फंस जाएंगे।


   स्नेह जैसी सद्भावनाओं से जहां व्यक्ति सफलता के मार्ग पर अग्रसर होकर सफलता को प्राप्त कर लेता है, वहीं यदि उसका विकास नकारात्मक परिस्थितियों में हो रहा हो तो वह सफल कभी भी नहीं हो पाता,

क्योंकि अच्छी और सच्ची भावनाएँ जहाँ हमारी हर कार्य मे सहायता करती हैं वहीं क्रोध, घमण्ड जैसी चीजें कभी भी हमें आगे बढ़ने नहीं देती हैं।


  यदि आप दूसरों को कुछ बताना या समझना चाहते हैं, तो आपको बोलकर ही अपनी भावनाओं को प्रदर्शित करना पड़ता है। लेकिन होना यह चाहिए कि यदि आप उचित उपदेश देने चाहते हैं ,

तो यह आपके व्यवहार से ही प्रदर्शित हो जाना चाहिए। आपका आचरण ही आपकी वास्तविक पहचान होता है। आचरण में मनुष्य का प्रतिबिंब साफ साफ देखा जा सकता है कि वह किस प्रकार का इंसान है।


  मनुष्य को ईश्वर ने सबसे अलग बनाया है, तभी शायद वह अपने आपको पृथ्वी का सबसे बुद्धिशाली जीव समझता है। मनुष्य अपना कार्य या फिर संसार में जो कुछ भी बदलाव करता है, वह अपने मस्तिष्क के दम पर ही करता है,

और वह बुध्दिमान भी अपने मस्तिष्क के कारण ही कहलाता है। इसलिए मन मे अच्छे-अच्छे और उच्च विचारों का बसेरा ही मनुष्य के लिए उचित है,लेकिन वह ये बात नहीं समझता और अपने चेहरे की सुंदरता पर ही अधिक ध्यान देता है,

यदि एक मनुष्य के पास अच्छे विचार, अच्छा आचरण और अच्छे गुण नहीं हैं तो उसके अच्छे और सुंदर चेहरे का कोई मोल नहीं है। सुंदरता तो समय के साथ ढल जाती है, लेकिन अच्छे विचारों और अच्छे आचरण का साथ जीवन पर्यंत तक रहता है।


Benifits of Anmol Vachan in Hindi


वर्तमान समय में, जहां लोग अपने-अपने कार्यों में इतने व्यस्त रहते हैं कि, उन्हें अपने परिजनों के लिए तो क्या स्वयं के लिए भी समय नहीं मिल पाता। ऐसे में आधुनिक युग में अच्छे गुण, अच्छे संस्कारों को कैसे विकसित किया जा सकता है!

समय है स्वयं को थोड़ा बदलने की, स्वयं में बदलाव लाने की। आज कितने ही लोग ऐसे हैं जो अपनी सफलता प्राप्ती में इस प्रकार लग जाते हैं कि उनके खुद के जीवन मे क्या हो रहा है उनको पता नहीं होता।

कितनो को तो यह भी नहीं पता कि हमारे इतिहास में कैसे कैसे महान विभूतियों ने जन्म लिया है, वे अपने भविष्य को बनाने के साथ साथ अपनो को भी समय देते थे।

अतः अब समय है हमारे बड़े – बुजुर्गों , हमारे पूर्वजों द्वारा दिये गए उन सुविचारों को अपने जीवन मे लागू करने का। हमारे बडे हमे बहुत ही अच्छी अच्छी बातें सिखा गए हैं।

यदि हम उन विचारों और बातों का अनुसरण करेंगे तो निश्चित रूप से हमारा जीवन स्वर्ग बन जाएगा।

जीवन मे कई उतार चढ़ाव आते हैं पर उन परिस्थितियों में एक समझदार व्यक्ति की तरह परिस्थितियों को सम्भलना बहुत बड़ी बात है।


Conclusion


आज आपने पढ़े Anmol Vachan in Hindi. आशा करते हैं, आपको आज की हमारी यह अनमोल वचन हिन्दी पोस्ट पसन्द आयी होगी,

और इन अनमोल वचन से बहुत कुछ सीखने को मिला होगा। Anmol Vachan ऐसी ही अन्य रोचक पोस्ट पढ़ने के लिए चेक कीजिये, हमारी प्लेलिस्ट को, और बने रहिये sarkaariexam के साथ।

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