35+ Special Rabindranath Tagore Quotes in Hindi | Education Thoughts

महान विभूति राजगुरु Rabindranath Tagore Quotes in Hindi (Educational)। आशा करते हैं, आपको इन Educational Thoughts (विचारों) से प्रेरणादायक सीख मिलेगी,

और उन्हें आप अपने जीवन मे अपनाकर निश्चित ही सफलता की ओर बढ़ेंगे।


Rabindranath Tagore Quotes in Hindi


Rabindranath Tagore Quotes in Hindi:


Short Biography about Rabindranath Tagore


        रविन्द्र नाथ टैगोर का जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता के, जोड़ासांको  ठाकुरबाड़ी नामक स्थान पर ,देवेन्द्र नाथ टैगोर और शरदा देवी के पुत्र के रूप में हुआ था।

रविंद्रनाथ टैगोर, विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार व दार्शनिक थे। वे भारत के एकमात्र साहित्य में नोबेल पुरस्कार विजेता हैं। वो एशिया के प्रथम नोबेल पुरस्कार से सम्मानित व्यक्ति थे।

उन्हें “गुरुदेव” की उपाधि दी गयी थी। उन्होंने हमारे राष्ट्र का गौरव, हमारा राष्ट्रगान रचा। वे एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने दो देशों को अपनी रचना “राष्ट्रगान” के रूप में प्रदान की।

रविन्द्र नाथ टैगोर की बचपन से ही कविताओं, छंदों और भाषाओं में बहुत रूचि थी। उन्होंने अपनी पहली कविता केवल आठ उम्र की आयु में लिख दी थी,

उनकी लघुकथा सन 1877 में जब वे 16 वर्ष के थे तब ही प्रकाशित हो गयी थी। गुरुदेव ने अपने जीवनकाल में करीब 2230 कविताओं की रचना की।

वे हिंदी-और बंगाली भाषा में ज्यादातर रचनाएँ करते थे लेकिन उनकी रचनाओं के अंग्रेजी अनुवाद के बाद उनकी ख्याति विश्वविख्यात हो गयी।

      उनकी एक रचना गीतांजलि के लिए उन्हें सन 1913 में नोबेल से सम्मानित किया गया। उन्होंने रचना के साथ-साथ अपने कुछ विचार भी दिए जो कि इस प्रकार हैं-


Rabindranath Tagore Quotes 1-10 :


Rabindranath Tagore Quotes


  ” किसी भी पेड़ के लिए , मिट्टी से बाहर आना आजादी नहीं होती।


 अर्थात :-  आजादी सभी को प्रिय होती है, सभी को आजाद रहने का हक भी है, लेकिन आपनी नादानी में आकर कुछ तत्व इसका गलत उपयोग करते हैं उन्हें उस समय जो भी वे करते हैं,

वह सब ठीक लगता है लेकिन भविष्य में उसके विपरीत परिणाम देखने को मिलते हैं। अर्थात  पेड़ के लिए मिट्टी ही जीवन है।


  “जो मन की पीड़ा को बाहर ,  दूसरों के सामने व्यक्त नहीं कर सकता, उसको क्रोध अधिक मात्रा में आता है।”


 अर्थात :-  जो व्यक्ति आपनी मन की बातें अपने मन में ही रखता है, जिसे दूसरों को अपने मन की बातें बताना अच्छा नहीं लगता वो व्यक्ति अंदर ही अंदर अपनी तकलीफ़ों को लेकर घुटता रहता है।

जिसके कारण वह अपने अंदर क्रोध-गुस्से जैसे कारकों को पाल लेता है, और क्रोध करने लगता है,और संसार में घृणा का पात्र बनता है।


  “मृत्यु का अर्थ, उजाले को खत्म करना नही है, यह तो केवल दिए के प्रकाश को खत्म करने जैसा है, क्योंकि सुबह किसी उजाले की मोहताज नहीं।”


 अर्थात :-  जो भी इस संसार में जन्मा है, उसका अंत भी निश्चित ही है। जिसकी मृत्यु या विनाश हो जाने पर घबराने की जरुरत नहीं या फिर शोक मनाने की जरूरत नहीं है।

क्योंकि यदि किसी शरीर का अंत हुआ  होता है, तो उसकी आत्मा का अंत नहीं होता। आत्मा अमर होती है। वह एक शरीर छोड़ कर अपने आगे के सफर में चल पड़ती है।


   ”जो अच्छाई करने में व्यस्त होते हैं, वे कभी स्वयं अच्छे नहीं बन पाते।”


 अर्थात :-  कुछ लोग बाहर से कुछ और, तथा अंदर से कुछ और ही होते हैं। उनकी दोहरी प्रकृति होती है, उनके पास समाज सेवा और अच्छाइयों के लिए तो समय होता है,

परंतु वे खुद अच्छे बनना भूल जाते हैं। उन्हें केवल लोगों को दिखाने के लिए अच्छाई का स्वांग रचना पड़ता है।


  “आपकी किसी बनाई हुई प्रतिमा का टूटकर धूल में मिल जाना यह साबित करता है कि ईश्वर की बनाई गई धूल आपकी मूर्ति से महान है।”


 अर्थात :-  मानव संसार का सबसे बुद्धिमान प्राणी है। इसलिए वह खुद को सर्वशक्तिशाली और सर्वश्रेष्ठ समझता है, वह यह भी भूल जाता है कि हम सब ईश्वर की बनाई गई रचना है।

इसका मतलब हम महान नहीं जिसने हमें बनाया है वो महान हैं।


Quotes on Education


  “सोना कहता है, मुझे न ही आग में जलकर तपने का दुख है, न ही कसौटी पर कसे जाने का। मुझे तो बस इस बात का दुःख है कि मुझे घुंघची के साथ तोला जाता है।”


 अर्थात | Rabindranath tagore quotes in hindi :-सोना बहुत ही पवित्र धातु मानी जाती है। सोना धातुओं में सबसे शुद्ध व अनमोल होता है तभी इसका मूल्य भी अधिक होता है।

लेकिन सोने को विक्रय करने के लिए कुछ बांटो के साथ तोला जाता है, जो कि निम्न कोटि की धातु से बना होता है, संसार का यही नियम है! तुलना करना।

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  “बदलाव का धन, समय ही है। परन्तु घड़ी उसे केवल बदलाव के रूप में देखती है।”


अर्थात :–  समय बहुत ही मूल्यवान होता है, समय के आगे सब छोटे होते हैं। समय में इतनी शक्ति होती है कि वह किसी के साथ भी कुछ भी कर सकता है,

राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता है। परंतु कुछ लोग इसकी अहमियत नहीं समझते और इसे व्यर्थ करने में लगे रहते हैं। पर कुछ लोग जो इसकी अहमियत समझ जाते हैं,

वही लोग जीवन में सफलता की ऊंचाइयों में पहुँच पाते हैं।


  “जिस प्रकार चिड़िया का घोंसला चिड़िया को आश्रय प्रदान करता है, उसी प्रकार मनुष्य का मौन मनुष्य को आश्रय प्रदान करता है।”


अर्थात | Rabindranath Tagore Quotes on Education:-  मनुष्य जिस प्रकार की प्रकृति रखता है उसी प्रकार का उसका आचरण हो जाता है।

यदि मनुष्य की प्रकृति अच्छी है तो उसका आचरण भी अच्छा होगा और यदि उसकी प्रकृति बुरी है,

तो उसका आचरण भी बुरा ही होगा। आचरण ही मुँह से निकलने वाले शब्दों के लिए उत्तरदायी होता है। यदि हम अपने मुख से कुछ गलत बोल दें तो सभी को बुरा लगता है, या फिर हम किसी की तारीफ उसके सामने करें.

और पीठ पीछे उसकी बुराई करें तो हमारी जबान के साथ साथ हमारा आचरण, हमारी प्रकृति सब दूषित हो जाते हैं, अतः हमें कम ही बोलना चाहिए और हमारे लिए  विपरीत परिस्थितियों में मौन ही सबसे उचित शस्त्र होता है।


  “मानव का चलन महानदी जैसा है, जो नयी दिशाओं में बहकर भी नयी राह बना लेती है।”


अर्थात :- मनुष्य संसार का सबसे बुद्धिशाली प्राणी है। अपने विकास के साथ साथ उसने अनेक खोज-आविष्कारों से अपनी धाक सम्पूर्ण जगत में छोड़ी है। वह हमेशा अपने आपको साबित करता आया है।

मानव की बहुत सारी आवश्यकताएं होती हैं, जिसकी पूर्ति के लिए अनेक सुविधाएं उसने स्वयं तैयार करके रखी है और भविष्य में भी यदि किसी चीज की जरूरत होगी,

तो वह स्वयं उसकी जल्द से जल्द पूर्ति करने में सक्षम है।


  ” विश्वास उस चिड़िया के समान है, जो सूरज के उदित न होने पर ही अनुभव होता है।”


अर्थात | Quotes by Rabindranath Tagore :-  किसी पर विश्वास करना या फिर यदि कोई हम पर विश्वास करे यह क्रिया तो बहुत सरल है। किंतु उस विश्वास को कायम रखना बहुत ही कठिन है।

कठिनाई के समय इस विश्वास की सबसे बड़ी परीक्षा होती हैं, जिसमे अधिकतर लोग विफल हो जाते हैं।

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Rabindranath Tagore Quotes in hindi 10-20:


  “हम हमेशा यही प्रार्थना करते हैं कि हमारे ऊपर कभी कोई खतरे न आएं , हमें यह प्रार्थना करनी चाहिए कि हम उन खतरों का सामना करने में निडर रहें।”


 अर्थात | Rabindranath Tagore Quotes on Education:-  मानवीय प्रकृति के अनुसार मानव किसी भी प्रकार की विपत्ति से डरता है, और किसी भी खतरे से लड़ना नहीं चाहता।

हम सभी यही प्रार्थना करते हैं कि ईश्वर हमें सभी खतरों से बचा कर रखें। जब तक हमें खतरों से लड़ना नहीं आएगा हम उसका सामना नहीं कर सकते। तब तक हम जीवन की लड़ाई को नहीं जीत सकते।

इसलिए हमें यह प्रार्थना करनी होगी, कि हम जीवन की कठिनाइयों का सामना निडर होकर कर सकें।


  “देश का वह आत्म-अभिमान जो हमारे साहस हमारी शक्ति को आगे बढ़ाता है, वह प्रशंशनीय है, लेकिन वह अभिमान जो हमें गर्त में धकेलता है, वह अत्यधिक निंदनीय है।”


अर्थात |Quotes by Rabindranath Tagore :-  देश सभी देशवासियों को प्रिय होता है। देश से ही किसी व्यक्ति को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल पाती है। जब देश कोई सफल आयोजन करता है,

या फिर किसी विषय या क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है तो यह सभी देशवासियों के लिए बहुत खुशी की बात होती है, किंतु इसके विपरीत जब देश में कुछ गलत हो रहा हो तो हमारा गौरव खतरे में पड़ जाता है।


  “जो आध्यात्मिक शिक्षा हमारे ग्रंथो में दी गयी है वो, वह शक्ति है जो कि बाह्य एवं आंतरिक शांतिपूर्ण संतुलन से ही बन पाती है।


 अर्थात | Rabindranath tagore quotes in hindi :-  हमारे ग्रन्थ प्राचीनकाल से ही अस्तित्व में हैं। और उनमें जो कुछ भी लिखा गया है वह चिर सत्य है।जिससे यह पता चलता है कि उस युग में विज्ञान नहीं था,

परंतु फिर भी तकनीकी कितनी उच्च कोटि की थी। वहां जो कुछ भी लिखा गया है, वह आज के वैज्ञानिक युग में विज्ञान द्वारा पुष्टि से सत्य सिद्ध हो रहा है।

यही शिक्षा हमे हमारे जीवन को सुचारू रूप से चलाने में मददगार है।


  “विद्यालय-विश्वविद्यालय कारखानों के रूप के होते हैं, जहाँ महापुरुषों का निर्माण किया जाता है, जिनका निर्माण शिक्षक रूपी कारीगरों से होता है।”


अर्थात | Rabindranath Tagore Quotes on Education:-  शिक्षक ही हमारे जीवन के मार्गदर्शक होते हैं, जो हमे सही गलत में अंतर बताकर हमे सदैव सफलता के मार्ग पर ले जाते हैं।

जीवन में शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं है यह तो  वह ज्ञान है,

जो हम पैदा होते ही सीखने लग जाते हैं, हम जितने भी अच्छे गुण सीखते हैं वही हमारी महानता (सफलता) का कारण बनता है। असल में इसके हक़दार हमारे गुरु जिन्होंने हमे यह सब सिखाया है, वह होते हैं।


   “केवल तर्क करने वाला मस्तिष्क उस धारदार ख़ंजर के समान है, जिसको प्रयोग करने वाले के हाथ से खून निकलना निश्चित है।”


 अर्थात | Quotes by Rabindranath Tagore :-  विचारों को ग्रहण करना और उनको ग्रहण करने से पहले उन पर अनेक सवाल उठाना दो अलग अलग बातें हैं।

अच्छे आचार-विचार बिना किसी सन्देह और सवालों के भी ग्रहण किये जा सकते हैं। कुछ व्यक्ति होते हैं, जिनकी आदतों में ही होता है सन्देह करना।

ऐसे व्यक्ति न केवल खुद को बल्कि दूसरों को भी अपनी कटु वाणी से कष्ट पहुंचाते हैं।


  “कट्टरता ही वह कारक है जिसने लुप्त होने वाली चीजों को सुरक्षित रखा है।”


अर्थात | Rabindranath Tagore Quotes on Education:-  अपनी संस्कृति व पौराणिक वस्तुओं की जानकारी होना और इसे सम्भाल कर रखना हमारा दायित्व है।

कुछ चीजें, या कहें कि प्रथाएँ ऐसी थी जो कि हटाई जानी चाहिए थी वे हट चुकी हैं।

लेकिन हमारी सभ्यताएं भी लुप्त होती जा रहीं हैं, जिनको कुछ कट्टरपंथियों ने बचा रखा है। यही चीजें अब हम अपने आने वाली पीढ़ी को देंगे और वो उनसे आगे की पीढ़ी को।

यदि ये सब अभी लुप्त हुए तो आने वाली पीढ़ियां इन्हें भविष्य में केवल इतिहास में ही पढ़ पाएंगी।


  ” किसी फूल की पंखुड़ियों को तोड़कर कोई भी उसकी खूबसूरती इकठ्ठा नहीं कर पाता।”


अर्थात :-  जब हम किसी फूल को डाली से तोड़ देते हैं तो, वह कुछ पलों के लिए तो वैसा ही रहता है, किंतु कुछ समय पश्चात मुरझाने लग जाता है। यदि हम उस फूल की पंखुड़ियों को उससे अलग कर देते हैं ,

तो, उसका कोई वजूद नहीं रह जाता। ऐसा ही हमारे जीवन में भी होता है हमारा जीवन फूल के ही समान होता है हमें इसमें बहुत से अच्छे कार्य करने होते हैं,

जिसकी वजह से ही हमारे जीवन में ताजगी और खूबसूरती दोनो ही बनी रहती है।


  “कोई रात होने पर रोता है, क्योंकि सूरज उस दिन उस जीवन से चले गया होता है, लेकिन उसके आँसू उसे सितारे देखने के लिए रोक देते हैं।”


अर्थात | Quotes by Rabindranath Tagore :-जीवन में सुख-दुख तो लगे ही रहते हैं। हम सभी को दुख की घड़ी में हतोत्साहित न होकर दुखों से लड़ने का प्रयास करना चाहिए,

और यह बात तो पक्की है कि यदि आपके हिस्से में रात आई है तो चन्द्रमा भी जरुर आएगा।


  “किसी अबोध बच्चे की शिक्षा, उसके ज्ञान को अपने दिए हुए ज्ञान तक सीमित मत रखिये। याद रखिये वह किसी और समय में पैदा हुआ है।”


अर्थात | Rabindranath Tagore Quotes on Education:-  सभी का ज्ञान या फिर सोचने समझने की शक्ति हमसे या फिर किसी और से बिल्कुल ही भिन्न होती है।

अतः हमें अपना ज्ञान उस पर थोपने की जरूरत नहीं है। यदि वह काबिल है तो अपनी मंजिल और रास्ते खुद तय करेगा।


  “प्रसन्न रहना अत्यधिक सरल है, किन्तु सरल रहना उतना ही कठिन।”


अर्थात :-  जीवन में खुश रहने के अनेक मार्ग हैं। जिनको अपनाकर तत्कालिक प्रसन्न्ता पाई जा सकती है। लेकिन प्रसन्न्ता को बनाए रखना थोड़ा कठिन कार्य है।

क्योंकि जीवन में कुछ न कुछ ऐसा घटित होता रहता है जो हमारी प्रसन्नता में ग्रहण लगा देता है। इसी कारण हम साधारण जीवन जीने में असफल रहते हैं।


Quotes by Rabindranath Tagore 20-30 :


  ” जिस कठिनाई से आप मुह मोड़ लेते हैं वही कठिनाइयाँ आपको, आपके स्वप्न में प्रेत बन कर आपको डराती हैं।”


अर्थात :-  कठिनाइयां हमारे जीवन का सतत कारक है, जो निरन्तर चलता ही रहता है। यदि हम इससे घबरा जाएंगे तो जीवन में आगे कैसे बढ़ेंगे! हमे अपनी कठिनाइयों का सामना स्वयं करना पड़ेगा,

और ऐसी कोई समस्या या कठिनाई नही है जिसका समाधान न हो या फिर जिसको हल न किया जा सके। कठिनाइयों से लड़िये और विजित होकर जीवन में आगे बढ़िए। आगे बढ़ने का नाम ही जिंदगी है।


  “”संसार में जो कुछ भी हमारा है वह खुद चलकर हम तक आता है, यदि हम उसे ग्रहण करने की क्षमता रखते है।”


अर्थात | Rabindranath tagore quotes in hindi :-  जिस चीज पर हमारा हक़ है वह हमसे कोई भी नही छीन सकता, यदि हम काबिल है। यदि हम काबिल नहीं हैं,

तो हमारी होते हुए भी हम बहुत सारी चीज़ें खो बैठते हैं। तातपर्य यही है, मेहनत करिए काबिल बनिये! सफलता स्वयं आपके कदम चूमेगी।


  “आस्था वह पंछी है जो अंधेरे के होने पर भी सुबह को महसूस कर सकता है।”


अर्थात :-  बुरा समय कितना भी बलवान क्यों न हो, वह ज्यादा टिक नहीं पाता। जीवन का उसूल है कि बुरे के बाद अच्छा और अच्छे के बाद बुरा होना ही है।हमें इन परिस्थितियों से घबराना नहीं चाहिए ,

हमें तो इनसे डटकर मुकाबला कर इस बुरे वक्त के खत्म होने का इंतजार करना चाहिए।


  “यह सुबह है..! ऐसा मत कहो, और न ही इसे कल के नाम पर टालो। इसको एक नवजात शिशु की तरह देखो, जिसका अभी कोई नाम ही नहीं है।”


अर्थात |  :-  Quotes by Rabindranath Tagore :-  कुछ परिस्थितियां सुनहरे अवसरों की तरह आतीं हैं, जिसे हमको नाम न देकर उस अवसर को सफलता में बदलने का प्रयास करना चाहिए ।

क्योंकि अवसर बार बार नहीं मिलते।


  “यदि आपने अपनी सभी गलतियों के लिए दरवाजे बंद कर दिए तो, गलतियों के साथ सत्य भी बाहर ही रह जाएगा।”


 अर्थात | Rabindranath Tagore Quotes on Education:-  यदि आप अपनी गलतियों को छिपा रहे हैं तो यकीन मानिये आप जीवन में सफल नहीं हो सकते।

अपनी गलतियों को स्वीकार कर उनसे शिक्षा ग्रहण करना ही समझदारी है और सफलता की ओर पहला कदम।

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  ” कला ऐसा कारक है जिसमें व्यक्ति खुद को साबित करता है, न कि कलाकृति ।”


अर्थात :-  हर मनुष्य के अंदर कोई न कोई कला अवश्य होती है। लेकिन यह जरूरी नहीं कि सभी कलाएं सभी के अंदर हो। सभी अपनी अपनी कला के अनुसार अपने क्षेत्र के महारथी होते हैं।

यदि किसी कला वाले व्यक्ति को दूसरी कलाओं को करने के लिए भेज जाए,तो न ही वो अपनी ही कला को आगे बढ़ा पाएगा और न ही नयी कला को सिख पाएगा।

तातपर्य है कि जिसे जो अच्छा लगता है उसे वही जारी करने दें।


  ” एक अंकुरित बीज के मन में इंतजार करता हुआ विश्वास एक महान आश्चर्य का प्रतीक है, जिसे वह उसी समय व्यक्त नहीं कर सकता।”


अर्थात | Rabindranath tagore quotes in hindi  :-   यदि आपको किसी के ऊपर विश्वास है और उससे कोई गलती हो जाती है तो कृपया उस पर से विश्वास न हटाएं उसे एक मौका दें स्वयं को साबित करने का।

बहुत सारी स्थितियों में ऐसा देखा गया है कि विश्वास तो चल जाता है किंतु मन में एक बोझ रह जाता है जो आजीवन हमें परेशान कर देता है।


  “प्रेम , मोह अधिकार का दावा नहीं करता बल्कि प्रेम तो स्वतंत्रता प्रदान करता है।”


अर्थात | Quotes on Education by Rabindranath Tagore :-  प्रेम ईश्वर का दिया हुआ आपको वरदान है। इसे  अपने ही बन्धन में बांध कर न रखें इसे स्वतन्त्रता प्रदान करें।

जिस प्रकार विस्तारित होने  वाली वस्तुएं थोड़ी अथवा बन्द जगहों में विकसित नहीं हो पाती,

ठीक उसी प्रकार प्रेम भी है, इसकी सीमाएं अनिश्चित हैं। इसे जितना स्वतन्त्र छोड़ेंगे यह उतना ही प्रसारित होता जाएगा।


  “साधारण और सामान्य दिखने वाले व्यक्ति संसार के सबसे अच्छे लोग होते हैं, तभी ईश्वर ऐसी अनेक रचनाएँ करते हैं।”


अर्थात |  Rabindranath tagore quotes in hindi :-साधारण जीवन ही ईश्वर की रचना है।इसे हम अपने गलत कार्यों द्वारा जटिल बना देते हैं।

साधारण जीवन जीने वाले व्यकि ही जीवन का सही मतलब समझकर जीवन को आनन्दमय ढंग से व्यतीत करते हैं।


  “केवल ख़ड़े होकर नदी को ताड़ने से आप नदी पार नहीं कर सकते।”


अर्थात :-  किसी चीज की केवल कामना करने से यह चीज आपके पास नहीं आ सकती। आपको उसको हासिल करने के लिए परिश्रम, और प्रयास करने होंगे। अन्यथा वह चीज कभी आपको नहीं मिल पाएगी।”


Ravindranath Tagore Thoughts 30-35:


  “जब हम संसार को प्रेम करते हैं, तभी हम इस संसार में जीते हैं।


 अर्थात | Rabindranath Tagore Quotes on Education:-  हमारे प्रेम और स्नेह के कारण ही हम वस्तुओं को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

जिस कारण हमारा मन, हमारा हृदय हमें  इस संसार में जीवन जीने को प्रेरित करता है।

प्रेम संसार की अत्यंत अतुलनीय व पवित्र भावना है जो संसार को आगे बढ़ाते जा रही है।


  ” उपदेश देना बहुत सरल कार्य है, परन्तु उपाय बताना बहुत ही कठिन है।”


अर्थात | Quotes on Education by Rabindranath Tagore:-  बड़ी बड़ी सभाओं, में कुछ बड़े लोग, जो खुद को महान सोचते हैं, उनको ख़ास तौर पे अपने विचारों को व्यक्त करने के लिए बुलाया जाता है।

परन्तु यह सब केवल थोड़े समय का ही खेल होता है।

उन लोगों का बाहरी दुनिया में उन विचारों से दूर दूर तक कोई सम्बंध नहीं होता।जब भी कोई मनुष्य किसी कठिनाई में होता है और उन लोगो से मदद मांगने जाता है,

तो वे लोग उन मनुष्यों को केवल यह कहकर टाल देते हैं कि उनके पास इन फालतू की चीज़ों के लिए समय नहीं है। वे उपदेश तो दे आते हैं लेकिन उपाय नहीं बता पाते।


  “कोई भी महानता के सबसे पास तब होता है, जब वह विनम्रता में महान हो।”


 अर्थात | Rabindranath tagore quotes in hindi :-  किसी के हृदय में जगह बनाने के लिए या फिर किसी की नजरों में महान बनने के लिए किसी परिश्रम को करने की या फिर बढ़े बड़े कार्यों को करने की जरूरत नहीं। यदि आप शालीन हैं,

सभ्य हैं, दूसरों की मदद करते हैं और स्वभाव से विनम्र हैं तो आपमें महानता स्वयं जन्म ले लेगी।


  “माटी की धूल स्वयं अपमान सहन कर लेती है, परन्तु वह बदले में सुगन्धित फूलों की भेंट उपहार के रूप में देती है।”


अर्थात :-  किसी भी वस्तु या फिर मनुष्य को अपमानित करना होता है तो सभी लोग “धूल” शब्द का प्रयोग करते हैं। परन्तु धूल अपमान के लिए प्रयुक्त किये जाने वाला शब्द नहीं।

यह तो एक गौरव है। क्योंकि धूल में पलकर ही कोई भी पौधा बड़ा होता है और सभी के लिए उपयोगी होता है। धूल ही वह कारक है जो कि किसी फूल को अपने से गुजरकर उसको महकाना सिखाता है।

यह प्रकृति की अनमोल रचना है। जिसका मूल्य केवल एक पौधे अथवा पुष्प को ही पता होता है।


   ” किसी पात्र में रखा जल चमकदार होता है, जबकि सागर का पानी अस्पष्ट होता है। लघु सत्य शब्दों द्वारा वर्णित किया जा सकता है, किंतु महान स्तय सदैव मौन रहता है।”


अर्थात | Famous Quotes of Rabindranath Tagore :- कोई भी ऐसा स्तय नहीं जिसको व्यक्त करने के लिए शब्दों की आवश्यकता हो। यह तो वह घटना है,

जिसे होने के लिए न तो किसी आज्ञा की जरूरत है और न ही किसी सहारे की। यदि इसे सबके सम्मुख आना है तो यह किसी न किसी बहाने से बाहर आ ही जाता है।


Conclusion:


आशा करते हैं, आज आपको हमारा यह आर्टिकल 35 Great Rabindranath Tagore Quotes in Hindi पसन्द आया। और आपको रवींद्रनाथ टैगोर जी के इन महान विचारों से बहुत कुछ सिखने को मिला।

इसी उम्मीद के साथ , समाप्त करते हैं Rabindranath Tagore Thoughts को।

ऐसी ही इंफोर्मेटिव जानकारी के लिए बने रहिये, sarkaariexam.com के साथ।

thanks…!

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