5 True Friendship story in Hindi | Heart touching short hindi stories

Friendship story in Hindi : यह हैं, Best 3 True Friendship story in Hindi। जो Friendship stories होने के साथ साथ मोरल भी होंगी।


True Friendship story in Hindi


जिस कारण आपको Entertainment के साथ साथ बहुत कुछ सिखने को भी मिलेगा।


Friendship story in Hindi:


” दो शेरों की पक्की मित्रता “


Friendship story in Hindi- दो शेरों की पक्की मित्रता:

एक जंगल में दो शेर थे- शेरा और रावन। शेरा थोड़ा कमजोर था, जबकि रावन बहुत बलवान। उनकी मित्रता इतनी गहरी थी, कि पूरे जंगल मे उनकी मित्रता के चर्चे होते थे।

वे दोनों एक साथ ही रहते, एक साथ जंगल मे खाना ढूंढने जाते, और किसी भी बुरे वक्त में एक दूसरे के साथ देते।

एक दिन वे दोनों खाना ढूंढने गए, खाना ढूंढते समय उन्हें एक शेरनी मिली, जिसका नाम द्रोणी था। शेरनी बहुत सुंदर थी। शेरा को वह शेरनी इतनी सुंदर लगी कि उसने उसी समय शेरनी से दोस्ती कर ली।

अब शेरा , रावन से ज्यादा समय द्रोणी के साथ बिताने लगा, वह खाना ढूंढने भी उसी के साथ जाने लगा। रावन अकेला पड़ चुका था, खाना भी वह अब अकेले ही ढूंढने जाता था।


Heart touching short hindi stories


एक दिन रावन ने सोचा, मुझे शेरा से मिलकर बात करनी चाहिए।

वह शेरा के घर गया, और शेरा से कहा, हम दोनों इतने पक्के मित्र थे, कि पूरा जंगल में हमारी दोस्ती का बोलबाला था, अब क्या हुआ, तुम मुझसे ज्यादा समय द्रोणी के साथ बिताते हो,

आजकल खाना ढूंढने भी तुम मेरे साथ नही आते।

और देखते ही देखते शेरा और रावन के बीच अनबन हो जाती है। वे दोनों एक दूसरे से बाते करना बंद कर देते हैं।

शेरा भी द्रोणी से शादी कर लेता है। उसे रावन की ज्यादी याद नही आती, पर रावन , शेरा और उसकी दोस्ती के कुछ यादगार पल हमेशा याद करता रहता है।

5 साल गुजर जाते हैं, अब शेरा के दो बच्चे भी हैं। पर रावन अकेला ही अपना गुजारा कर रहा होता है। वह अभी भी रावन, शेरा को याद करता है, पर शेरा शायद रावन को भूल गया है।

एक दिन शेरा अपनी द्रोणी और दोनों बच्चों के साथ शिकार पर निकला होता है,

तभी अचानक 4 तेंदुवे वहां आकर शेरा और उसके परिवार को घेर लेते हैं। शेरा थोड़ा कमजोर होने के कारण उनके सामने हार मान लेता है।

वहीं थोड़ी दूर से रावन भी गुजर रहा होता है, अचानक उसे शेरा की आवाज सुनाई पड़ती है।

जब वह वहां पहुँचता है, तो देखता है, चार तेंदुओं ने शेरा ओर उसके परिवार को घेरा है।

रावन बलवान होने के कारण शेरा के साथ मिलकर उन तेंदुओं को मार भगत है।

शेरा को अपने किये पर बहुत पछतावा होता है , और वह रावन से माफी मांगता है। रावन बिना किसी गुस्से के शेरा को माफ कर देता है। और वे दोनों फिर अच्छे मित्र बन जाते है।

रावन भी अब शेरा के साथ रहने लगे जाता है।


“सीख- हमे जानवरों से भी सीखने को मिलता है, की सच्ची दोस्ती क्या होती है।

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” चार पक्के मित्र “


Friendship story in Hindi – चार पक्के मित्र :

एक नदी के किनारे चार दोस्त रहते थे- हिरण, कौवा, कछुवा और चूहा।

वे चारों बहुत अच्छे मित्र थे। वे सब रोज यमुना नदी के किनारे एक दूसरे से मिलने आते, शाम तक खेलते , और फिर अपने अपने घर चले जाते। रोज उनकी दिनचर्या ऐसी ही चल रही थी,

कि एक दिन हिरण उनसे मिलने नही आया। वे तीनों हिरण के लिए बहुत परेशान हो गए।

और सोचने लगे कि हिरण उनके साथ आज खेलने क्यों नही आया होगा?

तब कौवे ने कहा- क्या पता हमारा दोस्त हिरण मुश्किल में फसा हो। और उसे हमारी जरूरत हो, हमे उसे ढूंढना चाहिए।

तब सारे दोस्तो ने कौवे की बात में हामी भरकर सब हिरण को ढूंडने जंगल की तरफ निकल गए।

कौवे के पास पंख होने के कारण वह जल्दी से उड़ता हुआ, कुछ दूर पहुचा, और उसने देखा कि, उसका दोस्त हिरण एक जाल में फसा हुवा है।

तब वह आधे रास्ते में पहुँचे चूहे और कछुवे के पास पहुचा। और उनको सारी बाते बात दी। चूहे ने कहा , में अपने दांतों से उस जाल को काट दूंगा।

तब कौवा चूहे को अपनी पीठ पर बिठाकर हिरण के पास ले गया। और चूहे ने फटाफट जाल काटकर हिरण को बाहर निकाल लिया।

इतने में वहां कछुवा भी अपनी धीमी चाल से पहुच गया, और चारों गपशप में लग गए, कि इतने में जाल वाला शिकारी भी वहां पहुंचा।

तब चूहा, हिरण और कौवा तो वहां से भाग निकले पर, कछुवा अपनी धीमी गति के कारण शिकारी के हाथ लग गया।

हिरण को खोने के कारण , शिकारी को बहुत गुस्सा आ रहा था। फिर उसने सोचा , हिरण तो भाग निकला, पर भूखे रहने से अच्छा है, कि आज कछुवे को ही पकाकर खाया जाए।

और वह अपनी कुटिया की तरफ जाने लगा।

Heart touching best friendship story in Hindi Middle part:

वे तीनों दोस्त अब फिर परेशान हो गए, और कछुवे के साथ भी तीनो की गहरी दोस्ती होने के कारण वे उसे कैसे बचाएं? सोचने लगे।

तभी चालाक चूहे को हिरण को बचाने का एक सुझाव आया , कि हम एक षड्यंत्र रचते हैं, शिकारी के सामने हिरण मरने का नाटक करेगा, शिकारी तो बहुत लालची है,

वह कछुवे वाला झोला नीचे रखकर, हिरण को पकड़ने आएगा।

और में यानी चूहा अपने तेज धारदार दांतों से फटाफट जाकर झोले को काटकर कछुवे को बाहर निकाल लूंगा।

उन्होंने कछुवे को बचाने के लिए उनके पास अधिक समय न होने के कारण यही तरकीब को आजमाने की सोची।

अतः हिरण शिकारी के आगे जाकर लेट गया, शिकारी ने हिरण को मार हुवा समझकर अपना झोला नीचे रखा, और हिरण को पकडने आगे बढ़ा।

इतने में चूहे ने फटाफट आकर झोले को काटा और कछुवे को बाहर निकाल लिया।

कछुवा बाहर आकर एक खेत मे चुप गया। और हिरण भी काम होने के बाद वहा से भाग गया।

शिकारी भी मायूस होकर वहाँ से चला गया। औऱ इस प्रकार तीनो दोस्तो ने कछुवे की भी जान बच ली। और अपनी इस कमयाबी याद कर ” ये दोस्ती हम नही छोड़ेंगे ” गाने लगे।


सीखसच्ची दोस्ती वही है, जो मुसीबत के वख्त काम आये।

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Other Best Friendship Stories in Hindi :


” वफादार मोती Ki Sachi Mitrata “


Sachi Mitrata Friendship story in Hindi- वफादार मोती :

बहुत समय पहले की बात है, एक गांव में एक पिंकी नाम की लड़की रहती थी, जो हमेशा दूसरों का अच्छा सोचती थी।

उसका एक भाई था, गट्टू, गट्टू बहुत स्वार्थी था और लोगों से बहुत चीड़ता था।

एक दिन पिंकी और गट्टू घर के बाहर फुटबॉल खेल रहे थे, इतने में उन्हें एक कुत्ते की जोर जोर से भोंकने की आवज आयी।

पहले तो दोनों ने भोंकने की आवाज पर ध्यान नही दिया, परन्तु जब कुत्ता भोके ही जा रहा था, तब पिंकी ने बाहर आकर कुत्ते को देखा।

कुत्ते के पैर में चोट लगी थी, शायद किसी ने उसके पैर में पत्थर मार था।

पिंकी को उस पर दया आ गयी। और वह कुत्ते को घर ले आयी, उसने कुत्ते के पैर में पट्टी बाधी।

कुत्ते का रंग अच्छा न होने के कारण गट्टू कुत्ते से बहुत चिढ़ रहा था।

पिंकी ने गटटू से कहा, इसे बहूत चोट लग गयी है, यह अब हमारे साथ ही रहेगा। पर गट्टू ने पिंकी को दांट ते हुवे कहा- तुम इतने गंदे कुत्ते को हमारे घर मे कैसे रख सकती हो?

पर पिंकी नही मानी, और उसने कुत्ते को अपने ही घर मे रखने की ठानी। और कुत्ते का नाम भी मोती रख दिया। पर गट्टू को यह ठीक नही लगा।

अब पिंकी रोज मोती के साथ खेलती, मोती भी पिंकी को बहुत अच्छा मानता था। वह दोनों एक साथ खाना खाते, ओर सोते भी एक साथ।

गट्टू अब मोती से बहुत चिढ़ने लग गया , वह नई नई तरकीबे निकलता , मोती को घर से भगाने की, वह कभी उसे मारता, तो कभी उसका खाना फेक देता।

पर मोती बुरा नही मानता था।

पर एक दिन जब पिंकी सो रही थी, तब गट्टू ने सोचा यह एक अच्छा मौका है, उसने मोती को पकड़ा और जंगल मे ले गया, वह मोती को जंगल मे अकेला छोड़कर आ गया।

जब पिंकी उठी, और उसने मोती को ढूंढा तो उसे मोती नही मिला।

तब गट्टू ने कहा- शायद वह हमारे साथ न रहना चाहता हो, और हमे छोड़कर चला गया।

तब पिंकी मेरा बेस्ट फ्रेंड मुझे छोड़कर चला गया कहकर फुट फुटकर रोने लगी। शाम तक उसका रो रो कर बुरा हाल हो चुका था।

अंत मे वह सो गई।

Heart touching best friendship story in hindi Middle part:

रात में अचानक पिंकी और गट्टू को बचाओ बचाओ की आवाज आई।

उन्होंने जब बाहर जाकर देखा, तो मोती एक आदमी पर जोर जोर से भोंक रहा था। और आदमी भी जोर जोर से बचाओ बचाओ चिल्ला रहा था।

पिंकी, मोती को देखकर बहुत खुश हुई। पर वह समझ  नही पा रही थी, की यह आदमी को है? और मोती इसपर क्यों भोक रहा है।

तब गट्टू ने देखा, की उसकी साईकल चोर के पैर के पास गिरी हैज़ और वह सारा माजरा समझ गया।

उसने पिंकी से चिल्लाते हुए कहा , यह चोर है, और मेरी साईकल चुराने आया है।

तब पिंकी ने होर से कहा, इससे पहले कि में मोती से तुम्हे काटने के लिए कहूँ, चले जाओ यहां से। और चोर वहां से भाग गया।

पिंकी ने गट्टू से कहा, पर मोती वापस कैसे आया होगा?
तब गट्टू ने शर्म से सर नीचे करके कहा, में इसे जंगल छोड़कर आ गया था। मुझे नही पता था, जानवर हमारे इतने अच्छे दोस्त हो सकते हैं। मुझे माफ़ कर एओ पिंकी।


“सीख- सच्ची मित्रता कभी खत्म नहीं होती।

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” शेर और चूहा “


Friendship story in Hindi – शेर और चूहा :

एक गुफा में एक शेर रहता था, वह बहुत शांत स्वभाव का था। एक दिन वह अपनी गुफा में लेटकर आराम कर रहा था, तभी वहाँ एक चूहा आया, और शेर के पेट मे जोर जोर से कूदने लगा। शेर को चूहे का ऐसा करते देख चूहे पर बहुत गुस्सा आया, उसने चूहे को जोर से पंजा मारकर अपने पंजे में जकड़ लिया,

चूहा भी बुद्धिमान और अच्छे स्वभाव का था। वह डर गया , उसने शेर से बोला, हे शेर महाराज ! आप कृपया मुझे जाने दें, में आजसे इस गुफा के अगल- बगल भी नही भटकूँगा। बहुत देर तक चूहे की माफी मांगने पर, शेर को चूहे पर दया आ गयी। और शेर ने चूहे को माफ किया, और उसे जाने को कहा।

चूहे ने बोला- आपका बहुत बहुत धन्यवाद महाराज। वक्त आने पर में भी आपका यह उपकार चुका दूंगा। और चला गया।

शेर उसके जाने पर हल्की हल्की मुस्कान मुह में लिए , यह सोचने लगा कि भला इतना छोटा चूहा मेरी मदद क्या करेगा?

Heart touching best friendship story in hindi Middle part:

कुछ दिन बाद जब शेर शिकार पर निकला होता है, तभी वह एक शिकारी के जाल में फस जाता है।और जोर जोर से दहाड़ने लगता है।

1 किलोमीटर दूर रहने वाले उसी चूहे को शेर के दहाड़ने की आवाज सुनाई दी। वह भागते हुवे आया, और फटाफट अपने नुकीले दांतों से जाल को काटकर बाहर निकल लिया।

यह देखकर शेर ने चूहे से कहा , तुम मेरे एक सच्चे दोस्त हो, और जो तुमने उस दिन कहा, वह तुमने आज किया भी, तुम्हारा बहुत बहुत शुक्रिया में प्रिय मित्र।


“सीख हमेसा सबसे दोस्ती करके रखनी चाहिए।

2- किसी को छोटा- बढ़ा नही समझना चाहिए।

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” गोलू और मोलू “


Friendship story in Hindi – गोलू और मोलू :

एक गांव जिसका नाम जेठिया था, वहाँ गोलू और मोलू नाम के दो पक्के मित्र रहते थे।  गोलू थोड़ा पतला दुबला था, वहीं मोलू गोल मटोल था। उनकी मित्रता का डंका पूरे गांव में बजता था। वे दोनों एक साथ रहते, और एक साथ ही खेलते।

एक दिन गोलू और मोलू के दोस्त का शहर से कॉल आया, दोस्त ने अपनी बहन की शादी के लिए दोनों को बुलावा भेजा।

गोलू और मोलू दोनों आपने शहर वाले दोस्त से मिलने के लिए उत्साहित थे।

शादी वाले दिन सुबह ही नहा धोकर दोनों तैयार हुए। और जंगल के रास्ते ही शहर को चल दिये। जंगल बहुत घना था, चारो तरफ पेड़ ही पेड़ थे।

तभी उन्हें अचानक एक भालू की जोर जोर से गुर्राने की आवाज आई। वे दोनों बहुत डर गए। गोलू पतला होने के कारण फटाफट जाकर एक लंबे पेड़ में चढ़ गया।

पर मोलू मोटा होने के कारण पेड़ पर नही चाड पा रहा था, ओर गोलू उसकी चढ़ने में मदद भी नही कर रहा था।

Heart touching best friendship story in Hindi Middle part:

तभी भालू उनके पास आ गया, मोलू बुद्धिमान था, उसने सुना था कि भालू मृत शरीर को नही खाते।

वह सांस रोककर नीचे लेटा जाता है, भालू भी मोलू को सूंघकर वहां से चला जाता है।

तभी गोलू पेड़ से नीचे उतरता है, और मोलू के पास जाता है।

तब मोलू बोलता है- वाह मित्र वाह !
देख ली आज तेरी दोस्ती, पेड़ पर चढ़ने के बाद भी तूने मेरा हाथ नही खिंचा।

गोलू कहता है- मुझे माफ़ कर दो मित्र, में बहुत घबरा गया था। कुछ देर तक गोलू के माफी मांगने के बाद मोलू उसे माफ कर देता है। और दोनों फिर मित्र बन जाते हैं।


“सीख– ऐसे मित्रों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए, जो बुरे वख्त में साथ न दें।

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Conclusion


आपने जानी 3 Short heart touching True Friendship story in Hindi with pictures.जिसमे आपको Short Friendship story ,Hindi में मिलने के साथ साथ बहुत कुछ सिखने को मिला होगा। जिन्होंने आपको Entertainment भी किया होगा .

thanks..!

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