25+ Chanakya Niti in Hindi | Chanakya Neeti (Thoughts)-सम्पूर्ण चाणक्य नीति

अपने जीवन मे बदलाव लाने के लिए पढ़िये Chanakya Niti in Hindi. आज का हमारा विषय है सम्पूर्ण चाणक्य नीति. जिसे पढ़कर निश्चित ही आप अपने जीवन को एक नई दिशा दे पाएंगे।

तब चलिये शुरू करते है, Chanakya Thoughts (Quotes) –


Chanakya Niti in Hindi


Chanakya Niti in Hindi 1-5 :


” सम्पूर्ण चाणक्य नीति “


  ” अपने जीवन की तुलना, अन्य लोगों के जीवन से मत करो। सूर्य और चंद्रमा दोनों ही अपने अपने समय के आने पर ही चमकते हैं। “


अर्थात :- ईश्वर ने सबको समान बनाया है। सभी अपने कर्मो के फलस्वरूप अपना भविष्य बनाते हैं। यदि किसी के कठिन परिश्रम करने के बाद भी, वह अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पा रहा है तो निराश न हों ।

निराश होने की बजाय आप निरन्तर प्रयत्नशील रहें। यदि आपके जीवन में रात्रि आई है तो निश्चित ही चन्द्रमा का प्रकाश भी आएगा। निश्चित ही आप भी अपने सफलता को प्राप्त कर उसका प्रकाश , जग में प्रसारित करेंगे।


  ” यदि आप जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं तो बहरे बन जाइए क्योंकि अधिकतर लोग मनोबल गिरने की ही बातें करते हैं। “


अर्थात :- जीवन में सफलता के पथ पर आगे बढ़ने के लिए स्वयं पर पूर्ण विश्वास रखें। कभी भी दूसरों की बातों पर न आएं , क्योंकि दूसरों की अलग अलग बातें सुनकर मस्तिष्क में भटकाव की स्थिति उतपन्न हो जाती है,

और उस स्थिति में आप अपने पथ से विचलित हो जाते हैं। अतः आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करें । दूसरों की बातें सुनें लेकिन उस को मन से लगाने की कोई आवश्यकता नही है।


  ” किसी भी परिस्थिति में भय को अपने पास न आने दें, भय को अपने आसपास दिखते ही इस पर हमला कर दें। यानी भय से न भागें बल्कि इसका सामना करें। ”


अर्थात :- साहस भरे कार्य को करने में कठिनाइयां तो आएंगी ही, उन कठिनाइयों से भय लगना स्वाभाविक है। कठिनाइयों से डरना अथवा कठिनाइयों से डरकर पथ से विरक्त होना कोई समाधान नही है।

यदि आप सफलता चाहते हैं तो कठिनाई से आपके मार्ग में आए प्रतिरोध और मन में उठे भय को तुच्छ समझकर उसका सामना करिए। भय से डरकर मार्ग से पीछे लौट जाकर पछताने से अच्छा है कि उस से लड़कर आगे बड़ें। निश्चित ही भय आपके सामने नदमस्तक होगा और आप सफल भी हो जाएंगे।


  ” बुद्धि के उचित प्रयोग से धन कमाया जा सकता है। परन्तु धन से बुद्धि को कमाना असम्भव है। “


अर्थात :- बुद्धि-विवेक जीवन यापन के लिए मानवीय शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। इसकी वजह से हम सही-गलत, अपनी आवश्यकताओं आदि का पता लगाकर अपने जीवन मे वस्तुओं की उचित व्यवस्था कर पाते हैं।

बुद्धि के प्रयोग से अपनी आवश्यकताओं, धन दौलत, को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। परंतु एक कुशल बुद्धि अथवा कुशल मस्तिष्क धन से कभी भी नहीं प्राप्त किया जा सकता । यह मृत्युलोक में असम्भव कार्यों में से एक है।


  ” कोई भी व्यक्ति अपने जन्म से महान नहीं होता। उसे अपने कार्यों से स्वयं को प्रमाणित कर महान बनाना पड़ता है। “


अर्थात :- यदि किसी व्यक्ति का जन्म ऊंचे कुल में हुआ है परन्तु वह उच्च कर्म ( सत्यता और कर्तव्यनिष्ठा द्वारा किये गये कर्म) नहीं कर रहा है तो उसका , उसके ही कुल में कोई आदर नही रह जाएगा।

वह अपने कुल में नीच ही कहलाएगा। यदि कोई व्यक्ति अपनी कर्तव्यनिष्ठा और लगन से अच्छे और महान कार्य करता है, तो उसकी ख्याति दूर दूर तक फैल जाती है। जबकि वह किसी निम्न कुल में ही क्यों न जन्मा हो।मनुष्य कर्म से महान बनता है, या कहलाता है, जन्म से नहीं।

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Chanakya Neeti 6-10 :


Chanakya Neeti


  ”  किसी के बुरे समय पर उसका उपहास करने की गलती कभी भी मत करना। क्योंकि यह वक्त है, सबके कर्मो का हिसाब रखता है। ” – चाणक्य नीति


अर्थात | Chanakya Niti in Hindi :- किसी के बुरे समय में यदि आप उसकी मदद नहीं कर सकते तो उसकी स्थिति में आपको उसका मजाक बनाने का भी कोई अधिकार नहीं है। यदि आप ऐसा करते हैं तो याद रखिए अभी उसका समय ठीक नहीं है ईश्वर न करे जब आपका बुरा समय आएगा तो आप दूसरों से भी अपने लिए अच्छा व्यवहार की अपेक्षा कैसे करेंगे!


  ” कभी किसी के सम्मुख अपने किये गए कार्य पर सफाई प्रस्तुत मत करना। क्योंकि जिसे तुम पर विश्वास है उसे इसकी जरूरत नहीं, और जिसे तुम पर विश्वास नहीं वह तुम्हारी बात कभी मानेगा नहीं। “


अर्थात | Chanakya Thoughts :- अपने जीवन में जो भी सही कार्य करें उस पर सदा अडिग रहें। यदि वह कार्य किसी को गलत या आपत्तिजनक लगता है, और वे लोग आपसे उस कृत्य के सम्बंध में कुछ गलत कह देते हैं तो आपको घबराने की जरूरत नही है। यदि आप सही हैं तो संसार में कोई भी आपको गलत नहीं ठहरा सकता ,सत्य एक न एक दिन सबके सामने आ ही जाता है।


  ” आपके द्वारा कहे गए शब्दों में जिम्मेदारी झलकनी चाहिए। क्योकि जब आप बोल रहे होते हैं तो आपको बहुत से लोग पढ़ भी रहे होते हैं। “- चाणक्य नीति


अर्थात | Chanakya Neeti :- यदि आप किन्हीं लोगों के बीच (या किसी सभा में)  बैठे हैं तो, आपको जो भी बोलना होगा सोच समझ कर ही बोलना होगा। ताकि लोगों पर उसका सकारात्मक प्रभाव पड़े और वे लोग आपकी बातें ध्यानपूर्वक सुनें।

किसी के द्वारा किसी अन्य पर पहला प्रभाव ही अंतिम होता है। यदि आप सबके मन में अपनी अच्छी परछाई बना पाए तो निश्चित ही सभी आपको महत्व देंगे, अन्यथा आपकी बातों पर ध्यान भी नहीं दिया जाएगा।


  ” थकान कभी भी , किसी कार्य को करने के कारण नहीं होती , बल्कि यह क्रोध, चिंता, निराशा , भय और असन्तोष की वजह से होती है। ”


अर्थात | Chankya Quotes Hindi :- व्यक्ति को भ्रम होता है कि वह किसी कठिन और मेहनती कार्य को करने की वजह से थक गया है, लेकिन वह ऐसा अपने मन में सोचता है। वास्तव में ऐसा उसे अपने कार्य को भय की वजह से लगता है। क्योंकि कठिनाई भरे कार्य में जोखिम होता है,

जो कि हमारी चिंता को बड़ा देता है जिस कारण हमें क्रोध आता है, हम कार्य के थोड़ा सा भी बिगड़ जाने पर बहुत जल्द निराशा के अधीन हो जाते हैं। अतः हम सोचते हैं कि हमने बहुत अधिक कार्य कर लिया है और हम थक जाते हैं। कम सोचें और थकानमुक्त रहें।


  ”  इस संसार में चरित्र को प्रमाणित करने के लिए कपड़ों की आवश्यकता होती तो, प्रत्येक कपड़े की दुकान मन्दिर होती। “


अर्थात | Chanakya Niti in Hindi :- चरित्र को साबित करने के लिए किसी वस्तु अथवा वस्त्रों की आवश्यकता नहीं होती। चरित्र तो केवल आचार-विचार, और व्यवहार से पता किया जा सकता है। यदि किसी ने अभद्र या फ़टे कपड़े पहन रखे हैं,

तो, क्या वह चरित्रहीन है! नहीं चरित्रहीन वो नहीं उन लोगो की सोच है जिसने उस व्यक्ति के कपड़ों को देखकर यह सोच लिया कि वह व्यक्ति चरित्रहीन है। चरित्र को साबित करने के लिए किसी भी मनुष्य के गलत विचारों के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है।

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Chanakya Thoughts (Quotes) 11-15


Chanakya Thoughts (Quotes)


  ” सफलता प्राप्त करने के लिए मित्रों की सहायता की आवश्यकता होती है। परन्तु, सर्वोच्च सफलता प्राप्त करने और सफल होने के लिए,  मित्रो से अधिक शत्रुओं की आवश्यकता होती है। “- चाणक्य नीति


अर्थात | Chanakya’s Niti Darpan:-  यदि आप केवल सफल होना चाहते हैं तो ऐसे मित्र बनाइए जो आपको सफलता दिलाने में , औऱ सफल होने में आपकी मदद कर सके। और यदि आपको सफलता से भी अधिक सफल होने की कामना है,

तो आप  मित्र बनाने के बजाय शत्रु बनाइये। मित्र आपकी अच्छाइयों को देखता है, जबकि शत्रु को केवल आपकी कमियां और बुराइयां दिखती हैं, और उन कमियों को दूर कर आप एक सफलता का सर्वश्रेष्ठ पद प्राप्त कर सकते हैं।


  ” जो भूतकाल में बीता , वो बीत ही गया। उसकी चिंता वर्तमान में न कर के, वर्तमान को सुधार कर अपना भविष्य उज्जवल बनाइये। “


अर्थात | Chanakya Neeti :- यदि आपसे अपने अतीत में कोई गलती हो गयी है तो उसके बारे में ज्यादा न सोचें , अधिक सोचने से आप वर्तमान के समय को भी गंवा रहे हैं।

अतीत के बारे में सोचना छोड़ आपको अपने वर्तमान में अच्छे अच्छे कार्य करने होंगे , जिसका फल भविष्य में मीले तो हमें सन्तुष्टि हो जाए।  और ऐसा करके हम हमारे भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं।


  ” समय ; समय सब में निपुणता का भाव उतपन्न कर देता है। लेकिन वही, दूसरों के जीवन का संहार का कारण भी होता है। “


अर्थात | Chanakya Thoughts :- समय संसार की सबसे महत्वपूर्ण वस्तुओं में से एक है। इसका सदुपयोग हमारे पूरे जीवन को बढ़ाने की क्षमता रखता है। परन्तु यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम लोग इसके लिए सजग होकर क्या प्रयास के रहे हैं।

समय के साथ सब अपने अपने कार्यों में निपुण हो जाते हैं परन्तु कभी कभी यही समय हमारी हार का भी कारण बनता है।यह भी हमारे कर्मों का ही फल होता है।


  ” आपका अपने जीवन में, अपने कार्यों के प्रति सदा प्रसन्न रहना ही आपके दुश्मनों के लिए सबसे बड़ी सजा है। “


अर्थात | Chanakya’s Niti Darpan:-  जीवन , दोस्त व दुश्मन दोनो से मिलकर चलने की सलाह देता हैं परन्तु जब दुश्मनों की बात आती है तब सब डर जाते हैं और किसी ऊंच नीच के डर से हमने कोई कार्य नहीं किया तो दुश्मन तो बचेगा ही,

साथ में उसकी गलतियों का पता किसी को भी नही चल पाएगा। अतः अपने दुश्मन को जलाने के लिए सदा खुश रहें और खूब सफलता प्राप्त करें , दुश्मनों का मुंह वैसे ही देखने लायक हो जाएगा।


  ” संसार में न ही कोई किसी को मित्र मानता है और न ही दुश्मन! मित्रता तथा शत्रुता तो कार्यवश ही शुरू होती हैं। “


अर्थात | Chanakya Thoughts :-  जब कोई मनुष्य संसार में जन्म लेता है तो वह न ही अपने मित्रों के साथ जन्म लेता है और न ही अपने दुश्मनों के साथ। यह सब तो मनुष्य के बढ़े होने के साथ ही उतपन्न होते हैं , यदि आप जीवन में अच्छे कार्य करोगे तो निश्चित ही आपके कार्य से प्रभावी होकर आपको जीवन में बहुत से मित्र मिलेंगे।

परन्तु यदि आपका कार्य किसी को समझने या समझाने में थोड़ी सी भी गलती हुई तो हमारे दुश्मनों के उतपन्न होने की संभावनाएं भी बढ़ जाती है। अतः अच्छे कार्य करके दोस्त बनाइए। दुश्मन तो अपने आप ही बन जाते हैं हमारी सफलता से कुप्रभावित होकर।


Chanakya’s Niti Darpan (Quotes) 16-20


  ” इतिहास इस बात का साक्षी है कि जितना लाभ हमे दुर्जनों के कार्य न करने से नही हुआ, उतनी ही हानि हमे  सज्जनों के निष्क्रिय रहने से होता है। “- चाणक्य नीति


अर्थात | Chankya Quotes Hindi :- दुर्जनों के कार्य करने से जो हमे हानि होती है, वह तो फिर भी भरी जा सकती है, परन्तु जब सज्जन निष्क्रिय हो जाते हैं तो हमें बहुत ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

सज्जनों के निष्क्रिय हो जाने से सभी शुभ कार्य भी रुक जाते हैं। एक शुभ कार्य हजारों अशुभ कार्यों पे भारी पड़ता है। अतः अच्छे लोगों को सदैव पूरी लगन और कर्तव्यनिष्ठा से अपने कार्यों को करने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।


  ” जो व्यक्ति कठिनाई के समय भी अपने लक्ष्य को लेकर दृढ़ होते हैं, भाग्य भी सदैव उनका ही साथ देता है। “


अर्थात | Chanakya Thoughts :- खुद पर विश्वास करने वाले लोगों के साथ तो उनकी किस्मत और ईश्वर का आशीर्वाद सदा ही साथ रहता है। परन्तु कुछ व्यक्ति होते हैं जो कठिनाई और प्रतिरोधों को अपने मार्ग में आता देख विचलित हो जाते हैं या अपने लक्ष्य प्राप्ति के मार्ग को ही त्याग देते हैं।

ऐसा करने पर भाग्य भी उनका साथ छोड़ देता है।  लेकिन भाग्य सदैव उनका साथ देता है, जो अपने कार्य और लक्ष्य दोनों के प्रति सजग रहते हैं तथा कठिनाई के समय भी अपने लक्ष्य प्राप्ति के मार्ग से विचलित नहीं होते। वे समस्याओं से लड़कर आगे बढ़ते हैं। और प्रायः सफल भी हो जाते हैं।


  ” सभी को एक उत्कृष्ट बात शेर से सीखनी चाहिए, वह है कि मनुष्य जो कुछ भी करना चाहता है, उस कार्य को उसको पूरे मन से तथा पूरा जोर लगाकर करना चाहिए। ”


अर्थात | Chanakya’s Niti Darpan:-  जिस प्रकार शेर किसी शिकार को देखकर उसे किस प्रकार प्राप्त करना है उसकी रणनीति तैयार करके , और उस रणनीति का पालन करके , अपनी बुद्धि और बल के प्रयोग से अपना लक्ष्य अर्थात उस शिकार को प्राप्त कर लेता है,

ठीक उसी प्रकार मनुष्य को भी , अपने लक्ष्य के प्रति अडिग होना चाहिये । शेर की ही भांति, मनुष्य को अपनी बुद्धि के और लक्ष्य के प्रति थोड़ा से बल प्रयोग करना चाहिए ताकि लक्ष्य को प्राप्त करने में आसानी हो ।


  ” संसार में जन्म लेने वाले अधिकतम पुत्र बड़े होकर भाई, साधुओं, महात्माओं, विद्वानों आदि की संगति से दूर रहते हैं। जो पुत्र सत्संगति कर लेते हैं उनका पूरा कुल पवित्र हो जाता है। ” – Chanakya Niti in hindi for Success


अर्थात | Chankya Quotes Hindi :- संसार में जन्म लेकर, सभी इस मृत्युलोक की चकाचौंध में इस प्रकार खो जाते हैं कि उन्हें और कुछ दिखाई ही नहीं देता। अक्सर देखा जाता है कि, मनुष्य सांसारिक चकाचौंध में इतना दुब जाता है कि उसको सही-गलत का बोध नहीं रह जाता, उसे लगता है ,

कि जो भी वह कर रहा है, वह ही सही है, परन्तु ऐसे मनुष्य जल्द ही गर्त में चले जाते हैं। उनको ऊपर उठने का भी मौका नहीं मिल पाता। परन्तु जो व्यक्ति बचपन से ही इस चकाचौंध से दूर होता है, और बड़ों का आदर करता है, उनकी बातों को मानता है, उनके साथ समय बिताना पसन्द करता है, वही संसार में सफलता को सही अर्थों में प्राप्त करता है। तथा उसकी ख्याति से अपने परिवार का ही नहीं बल्कि पूरे कुल का नाम रोशन करता है।


  ” विद्या विदेश में, एक माँ की तरह हमारी रक्षा करती है, विद्या कामधेनु के समान है। जो हर मौसम में अमृत प्रदान करती है। “- चाणक्य नीति


अर्थात | Chankya Quotes Hindi :-  विद्या प्राप्त करके कोई व्यक्ति शिक्षित कहलाता है। विद्या ग्रहण करने से पूर्व सभी मनुष्य जानवर के समान होते हैं उन्हें किसी भी बात की जानकारी नही होती। विद्या एक मनुष्य को पशु से मनुष्य बनाती है। बिन शिक्षा के मनुष्य और जंतुओं में। केवल एक पूँछ का ही अंतर रह जाता है।

शिक्षित व्यक्ति यदि कभी किसी अन्य अपरिचित स्थान पर जाता है तो वह विद्या ही है जो उसकी उस अपरिचित स्थान में भी एक माता के समान रक्षा करती है और मनुष्य के लिए हितकारी होती है। विद्या कामधेनु के समान कठिनाई में हमे विचार रूपी अमृत प्रदान करती है, जो कि कठिनाई से बाहर आने में हमारी मदद करता है।

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Hindi Chanakya Niti 21-26


  ” आमदनी पर्याप्त न होने पर खर्चों में नियंत्रण रखना चाहिए, और जानकारी पर्याप्त न होने पर अपने मुख से बोले गए शब्दों पर। “


अर्थात | Chanakya Thoughts :-  जिस प्रकार रुपयों की पर्याप्त मात्रा न होने से, खर्चों पर नियंत्रण रख कर घर को संचालित करना पड़ता है, नही तो हम स्वयं असुविधाओं का शिकार होते हैं, ठीक उसी प्रकार किसी विषय के बारे मे पर्याप्त जानकारी न होने पर उसके बारे मे न बोलना ही ठीक है,

किसी जरूरतमंद व्यक्ति को गलत जानकारी देने से अच्छा है कि मौन रहकर उसकी निराशा को बढ़ा दिया जाय। यही उस मनुष्य और हमारे लिए उचित रहेगा अन्यथा उस मनुष्य को तो बाद में परेशानी होगी ही, साथ ही हमे भी भविष्य मे स्वयं के प्रति ग्लानि भाव उतपन्न होगा। और ऐसा करके हम स्वयं को होशियार नही, बल्कि मूर्ख प्रस्तुत करेंगे। अतः कम बोले, खुश रहें।


  ” यदि सर्प जहरीली प्रजाति का न भी हो तो,उसे खुद को जहरीला प्रस्तुत करना चाहिए। ” – Chanakya Niti in hindi for Success


अर्थात | Chanakya Neeti :- सांप एक विषैला जीव है, उसका जहरीला होना ही, उसका सबसे बड़ा शस्त्र है व एकमात्र पहचान भी। मनुष्यों में भी सांपो के लिए भय देखा जाता है, मनुष्य में ही नही,सांप का डर हर प्रकार के जीव में पाया जाता है। अब जहरीला न होने के बाद भी लोग उससे डरते हैं,

क्योंकि उन्हें उस सांप से भय है, सांप का यही गुण उसके प्राणों की रक्षा करता है, अन्यथा उसका मरना तो निश्चित ही है। उसी प्रकार अपने जीवन में भी, स्वयं को साबित करने में अपना समय व्यर्थ न करें। अपनी प्रकृति और गुणों को कभी भी बदले नहीं। वही आपको आपकी पहचान दिलाने और अन्य लोगों में आपकी पहचान उजागर करने में आपकी सहायता करेगा।


  ” निंदा करने वालों के भय से घबराकर अपना लक्ष्य कभी भी नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि सफलता मिलते ही निंदा करने वाले, अपनी राय बदल लेते हैं। “- चाणक्य नीति


अर्थात | Chanakya Niti in Hindi :- जितने मुह होंगे उतनी बातें तो होंगी ही, आपको उन बातों से नहीं घबराना है, और न ही उन बातों से घबराकर अपने लक्ष्य को त्यागना है, लोग आपके बारे में जो कहते हैं, कुछ समय बाद उन्हें स्वयं याद नही रहता कि वे आपके बारे में क्या कहकर गए! लेकिन आपको उन बातों का बुरा लगता है, और मन में ग्लानिभाव उतपन्न होत है।

जब आपको अपना जीवन स्वयं ही जीना है, तो दूसरों की बातों को क्यों सुनना! यदि आपने अपनी मंजिल तक जाने के लिए रास्ता खुद चुनना है तो, उस पर चलने का फैसला भी आपका ही होना चाहिये। दूसरों की बातों में आकर अपने ऊपर और अपनी मंजिल के ऊपर कभी सन्देह न करें। तभी आप सफलता प्राप्त कर सकते हैं। दूसरों की बातों से , अपनी मंजिल से भटक कर आप कभी सफलता नहीं पा सकते।


  ” गलत दिशा में चल रही भीड़ का हिस्सा बनने से अच्छा है, स्वयं ही अकेले चलें। ” – Chanakya Niti in hindi for Success


अर्थात | Chanakya’s Niti Darpan:-  अपना पथ स्वयं प्रशस्त करें , माता पिता के मार्गदर्शन और अपने ज्ञान के बल पर सही गलत मार्गों का अंदाजा तो आप लगा ही सकते हैं!  यदि आपको ऐसा लगता है कि सभी लोग तो दूसरे मार्ग पर चल रहे हैं मैं इस मार्ग पर कैसे चलूँ तो 1 बात ध्यान रखिये।

चलना आपको  है, अन्यों को नहीं। सफलता भी आपको ही मिलेगी, अन्य लोगों को नहीं। और जहाँ तक साथ की बात है, मनुष्य धरती पर अकेले ही आता है, और उसको अपने जीवन में भी अकेले ही संघर्ष करना पड़ता है। संघर्ष करने से न डरें, जितनी अधिक मेहनत और लगन से आप कार्य करेंगे उसका उतना ही बेहतर परिणाम आपको मिलेगा।


  ” दूसरों को नियंत्रित करने वाला, बुद्धिमान के साथ  बलशाली भी होता है, परन्तु जिसने स्वयं को नियंत्रित कर स्वयं पर विजय प्राप्त कर ली, वह उससे कहीं अधिक बलशाली होता है। “


अर्थात | Chanakya Neeti :- दसरों को बल के प्रयोग से नियंत्रित करना कोई कठिन बात नहीं है, अपने पराक्रम और शास्त्रों के बल पर किसी को भी अपने वश में किया जा सकता है। परन्तु मन और स्वयं की प्रकृति ये बहुत ही चंचल और अड़ियल स्वभाव के होते हैं जो कि बल और शास्त्रों द्वारा नियंत्रित नही किये जा सकते।

इनको नियंत्रित करने के लिए मस्तिष्क को नियंत्रित करना होता है। ताकि मस्तिष्क द्वारा मन को अपने अधीन कर उस पर विजय प्राप्त की जा सके। ऐसा करना सरल तो नहीं है परन्तु जिसने यह कर दिखाया उससे बड़ा बलशाली और महान इस संसार में अन्य नहीं।


  ” यदि कभी किसी व्यक्ति की बातें बुरी लगे तो, इसको दो तरह से सोचो, यदि, व्यक्ति महत्वपूर्ण है तो, बात को भूल जाओ, और यदि बात महत्वपूर्ण है तो व्यक्ति को भूल जाओ। “- Chanakya Niti in hindi for Success


अर्थात | Chankya Quotes Hindi :-  जो आपके लिए सही है, या जो आपको अपने लिए सही लगता है, वह बात अथवा वस्तु कहीं से भी मिले उसे ग्रहण करना चाहिये । और यदि कोई सही चीज आपको मिल रही है, पर आपको वह बुरी लग रही है तो भी उसे ग्रहण कर लीजिये।

क्योकी करेला कड़वा जरूर होता है परन्तु वह सेहत के लिए उतना ही लाभप्रद भी होता है। बुरी बातों का बुरा तब मानना चाहिए जब वह आपके लिए उचित न हो, और आपको कोई सिख भी न दे सके। अन्यथा बुरी बातों से सीख मिलने वाली बातों को ग्रहण करने में ही आपकी भलाई है।


Conclusion | सम्पूर्ण चाणक्य नीति :-


आज आपने पढ़े Chanakya Niti in Hindi. जिनका आप अगर अपने जीवन मे निवेश करेंगे, तो निश्चित ही सफलता प्राप्त कर सकेंगे। आशा करते हैं आपको हमारे यह Chanakya Neeti (Thoughts or Quotes) पसन्द आये।

आपको यह सम्पूर्ण चाणक्य नीति कैसे लगे, बताए हमे कमैंट्स में , और ऐसे ही आर्टिकल्स पढ़ने के लिए चेकआउट कीजिये हमारी प्लेलिस्ट को, और बने रहिये Sarkaariexam Library के साथ।

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