7+ Spacial Kisan ki Kahani | Short Farmer Story in Hindi (किसान की कहानी)

मनोरंजन और प्रेरक सीखों से भरी Kisan ki Kahani. आशा करते हैं आपको आज की हमारी यह कहानियाँ पसन्द आएंगी,

और इन Farmer Story in Hindi for Kids से बहुत कुछ सींखने को भी मिलेगा। तो चलिए शुरू करते हैं।

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Kisan ki Kahani


चतुर किसान

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   बहुत समय पहले की बात है। एक बार एक गांव में एक किसान रहता था। उसके पास बहुत सी बकरियां थी। वह बकरियों को पालता था और वहीं उसकी रोजी रोटी का साधन थीं।

एक बार उसको एक शेर का बच्चा मिला,

उसने शेर के बच्चे को पाल लिया। धीरे धीरे सागर बड़ा हुआ। शेर किसान को तो कुछ नहीं करता था, लेकिन वह बकरियों का दुश्मन था।

  किसान ने एक दिन सोचा कि वह अपने शेर को एक चिड़ियाघर में छोड़ आएगा जिससे कि उसकी देखभाल भी हो जाएगी और किसी शिकारी के हाथों मरने का डर भी नहीं रहेगा।

साथ ही उसको कुछ पैसों की आवश्यकता थी तो उसे एक बकरी भी बेचनी थी।

अब वह किसान, अपने शेर, और बकरी को लेकर बाजार की ओर जाने लगा। ताकि साथ मे दोनो कार्य हो जाएं। किसान के सामने शेर, बकरी को कोई हानि नहीं पहुंचा सकता था।

किसान ने साथ मे कुछ घास भी रख ली बकरी के लिए।

अब बाजार जाने के लिए तो बीच मे नदी पड़ती थी। और वहां एक ही नाव थी, जिसमे केवल दो ही वस्तुओं अथवा व्यक्तियों को इस पार से उस पार ले जाया जा सकता था।

किसान की समझ मे नहीं आ रहा था कि वह करे तो क्या करे। क्योंकि अगर वह शेर को ले जाता तो बकरी घास खा जाती और अगर वह घास ले जाता तो शेर बकरी को खा जाता।

    बहुत देर सोचने के बाद उसे एक युक्ति सूझी।

वह पहले बकरी को अपने साथ ले गया और उसे उस पार छोड़ आया। फिर वह नदी के इस पार आ गया। इस बार वह शेर को नाव में बैठकर नदी के उस पार ले गया।

लेकिन आते वक्त बकरी को वापस ले आया। फिर वह बकरी को छोड़कर घाँस को शेर के पास ले गया। और अंत मे वापस आकर बकरी को भी उस पार ले गया। इस प्रकार उसने अपनी सूझ बुझ से तीनों को नदी पार कराया और फिर उन्हें बाजार ले गया।


सीख | Kisan ki Kahani : ” थोड़ी सी सूझ बूझ और बुद्धिमानी से हर कार्य को सम्भव बनाया जा सकता है।”

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किसान और उसके बेटे

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  एक गांव में एक किसान रहता था। उसके तीन बेटे थे। वे तीनों बहुत ही निकम्मे और कामचोर थे। किसान ने शुरुआत से ही बहुत मेहनत की थी। और उसने अपनी मेहनत से ही अपना घर बनाया था।

   इसके विपरीत उसके बेटे कोई कार्य करना नहीं चाहते थे। जैसे जैसे वे बड़े हुए उनका आलस भी बढ़ता गया।

एक बार किसान यूं ही खेत मे कार्य कर रहा था तो उसने मन मे सोचा, अगर मेरे बेटे भी मेरा कार्यों में हाथ बटाते तो आज हम सब बहुत आराम की जिंदगी जी रहे होते।

खैर मुझे अपना कार्य करना चाहिए। यह सोचकर वह अपना कार्य करने लगा।

   वह खेत खोद रहा था तो उसके मन मे एक युक्ति आई और वह अपने घर चले गया। अब उसने घर जाकर बीमार होने का नाटक किया। अपने पिता को बीमार देखकर तीनों बच्चों को बहुत चिंता हुई।

  उनके बीमार पिता ने अब अपने तीनो बेटों को एक साथ बुलाया और कहा, ” तुम तीनो मेरी बात ध्यान से सुनो। मैं बीमार हूँ। और अब मेरी उम्र भी हो चली है। न जाने कब क्या हो जाए।

आज मैं तुम्हें एक बात बताना चाहता हूं। मैं ने हमारे खेत मे बहुत सारा धन गाड़ रखा है। अगर कल मुझे कुछ हो गया तो तुम तीनो अपना गुजारा कर लेना और अच्छे से रहना।”

तीनों भाई पिताजी के लिए चिन्तित थे लेकिन उन्हें खजाने की बात सुनकर बहुत खुशी हुई। तीनों ने सोचा कि हमे बिन मेहनत के ही इतना धन मिल गया है। अब तीनो ने एकमत से खेत को खोदकर धन निकालने का फैसला लिया।

  अगले दिन तीनों खेत खोदने के लिए चल दिये। तीन चार दिन हो गए खेत खोदते खोदते लेकिन कोई खजाना उन्हें नहीं मिला। अब उनके पिताजी ने भी बीमारी से ठीक होने का नाटक किया।

जब पिताजी खेत आए तो वे बोले, ” बेटा शायद खजाना तो इस वाले खेत मे नहीं है। अब जब मैं ठीक हो ही गया हूँ तो तुम्हें उस खजाने को निकालने की जरूरत नहीं है।

चलो मिलकर इसमें बीज बोते है। “

  तीनो ने काफी मेहनत की हुई थी। अतः वे प्रेम और मेहनत से खेत मे बीज बोने लगे।

कुछ ही महीनों में फसल तैयार हो गयी। तीनो भाई बहुत खुश हुए और यह बात अपने पिता को बताने के लिए गए। उनका पिता उनकी खुशी देखकर ही खुश हो गया।

और उनसे कहा, ” बेटा यही है वह खजाना जिसकी मैं बात कर रहा था। यदि तुम सब इसी तरह से मेहनत करोगे तो इस तरह का खजाना तुम्हें हर बार प्राप्त होगा।


सीख | Short Farmer Story in Hindi for Kids : ” मेहनत और लगन से किये गए कार्य हमेशा सफल होते हैं।”

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एकता की शक्ति

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  बहुत समय पहले एक गांव में एक किसान रहता था। वह खेती कर अपना घर चलाता था। उसके 4 बेटे थे। चारों बेटे बचपन मे तो बहुत प्रेम से रहते थे।

लेकिन जैसे जैसे वे बड़े हुए वैसे वैसे उनका प्रेम नफरत और घृणा में परिवर्तित हो गया।

   किसान को अपने बेटों को आपस मे लड़ते देख बहुत बुरा लगता था। उसे समझ नहीं आता था कि आखिर वह अपने बच्चों में एकता बनाने के लिए क्या करे।

एक दिन वह जंगल गया। उसे आग जलाने के लिए लकड़ियों की जरूरत थी। जब वह लकड़ियों को तोड़ रहा था तो उसने देखा सुखी और कमजोर लकड़ियां काफी जल्दी टूट जा रही हैं। तब उसको एक विचार आया।

    उसने ऐसी लकड़ियों का एक गट्ठा तैयार किया और घर ले गया। उसने अपने चारों बेटों को अपने पास बुलाया।चारों बेटे आ गए।

अब किसान ने उन सबको लकड़ी के गठ्ठे में से एक- एक लकड़ी उठाने को कहा। चारों ने लकड़ियां उठाई। अब किसान बोला, ” एक एक करके इन लकड़ियों को तोड़ कर दिखाओ।

Story About Farmer in Hindi Moral Part- बेटों को थोड़ा अजीब लग रहा था। फिर भी उन्होंने अपने पिता की बात मान कर लकड़ियां तोड़ी जो कि आसानी से टूट गयी।

अब किसान ने अपने बच्चों को साथ आठ लकड़ियों का एक बंडल दिया और एक एक करके चारों से उस बंडल को तोड़ने को कहा। लकड़ियों के बंडल को चारों में से कोई भी नहीं तोड़ पाया।

तब किसान बोला, ” बच्चों मैं तुम्हें यही बताना चाहता हूं। जब तुम चारो झगड़ा आदि करते हो तो तुम एक कच्ची लकड़ी के समान कमजोर हो जाते हो और कोइ बाहर का व्यक्ति तुम्हारा फायदा उठा सकता है।

और यदि तुम चारों इकट्ठा हो जाओ तो तुम्हारी एकता की शक्ति को कोई भी नहीं तोड़ सकता।”


सीख | Unity is Strength Story Farmer in Hindi : “एकता की शक्ति से कुछ भी किया जा सकता है।”

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पत्थर और किसान

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एक गांव में एक किसान रहता था उसका नाम मोहन था। वह मेहनती तो था लेकिन उसकी एक समस्या भी थी। वह हर कार्य को अपने विचारों और निर्बलता के बल पर बहुत ही बड़ा बना देता था,

जिससे कि कार्य करने में उसे बड़ी ही परेशानी हुआ करती थी।

    जब वह अपने खेत मे जुताई का कार्य करता था तो उसके मार्ग में एक पत्थर आ जाता था। उसकी ठोकर से कभी कभी तो वह नीचे गिर जाता था। वह पत्थर दिखने में बहुत बड़ा लगता था।

तथा ऐसा प्रतीत होता था जैसे कि वह पत्थर जमीन के अंदर तक धंसा हुआ हो। इसलिए मोहन ने कभी भी उस पत्थर को निकालने का प्रयास नहीं किया और उसको यह कार्य बहुत कठिन भी लगता था।

  एक के बाद एक फसल तैयार होकर कट जाती थी लेकिन वह पत्थर ज्यो का त्यों वहीं पर बना रहता।

Story About Farmer in Hindi Moral Part- अब एक दिन जब वह हल जोत रहा था तो जब वह पत्थर के पास पहुंचा , उसका हल उस पत्थर से टकरा गया और टूट भी गया।

हल के संतुलन बिगड़ने से मोहन भी नीचे गिर गया।

उस दिन मोहन को बहुत ही गुस्सा आया और उसने सोच लिया कि आज तो वह इस पत्थर को यहां से निकालकर ही दम लेगा। मोहन दूसरे खेतों में काम कर रहे सभी किसानों को अपने पास बुलाया।

सभी किसान अपना कार्य छोड़ कर उसके पास आ गए। मोहन ने अपनी परेशानी उनको बताई।

  तब एक व्यक्ति वहां खड़े थे जिनके पास एक बड़ी सी कुदाल थी। उन्होंने जोर की एक कुदाल मारी और वह पत्थर निकलकर बाहर आ गया। वह छोटा ही था।

तब सब मोहन को देखकर हंसने लगे और अपने कार्य मे वापस लौट गए। मोहन को भी बहुत शर्मिंदगी हुई।


सीख | किसान की कहानी : ” जब तक आप किसी कार्य को करते नहीं वह कार्य बड़ा और कठिन ही लगता है। इसलिए सर्वप्रथम कार्य करना प्रारंभ करिए।”

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Farmer Story in Hindi for Kids


किसान और फूटा मटका


एक बार की बात है। एक किसान के पास दो मिट्टी के मटके थे। जिसमें वह दूर झरने से पानी भरकर अपने घर लाता था।

   एक बार किसी वजह से एक मटका फूट गया। लेकिन किसान ने इस बात का पता होने पर भी वह मटका नहीं फेंका बल्कि वह तो उसमें पानी लाता गया।

अब किसान के घर मे डेढ़ मटका ही पानी आता था।

   अपने फूटे होने की बात से फूटा हुआ मटका बहुत परेशान था। उसको लग रहा था कि मेरे फूटे होने की बात शायद मालिक को नहीं पता है ,नहीं तो अभी तक मुझे फेंक दिया होता।

आज मैं खुद मालिक से इस बारे में बात करूंगा।

  यह सोच सोच कर वह रोने लगा। शाम को जब किसान खेत से घर वापस आया तो उसने किसी के रोने की आवाज सुनी। तब जब उसने इधर उधर देखा तो फूटा हुआ मटका रो रहा था।

किसान उसके पास गया तो उसके रोने का कारण पूछा। तब वह बोला, “मालिक आप नहीं जानते शायद, लेकिन मैं एक जगह से फूट गया हूँ। कृपया आप मुझे बदलकर एक अच्छा मटका ले आइये।”

तब किसान मुस्कुराते हुए बोला,” कल तुम मेरे साथ चलना और रास्ते को देखना फिर हम बात करेंगे।”

Kisan ki Kahani Moral Part- अगले दिन किसान फिर से पानी लाया लेकिन फूटा घड़ा अपने मे से बहता हुआ पानी देखकर और उदास हो गया।

  घर आकर किसान ने उससे पूछा, ” रास्ते के फूलों को देखा तुमने?”

तब फूटे घड़े ने कोई उत्तर नहीं दिया।

तब किसान बोला, ” जब तुम फुट गए थे मुझे तब पता लग गया था। मैं ने उस ही दिन रास्ते मे फूलों के बीज बो दिए थे। अब तुम्हारे हिस्से वाले रास्ते मे बहुत अच्छे अच्छे फूल खिले हैं।

जिसको तुम रोज सींचते हो। उन फूलों को मैं एक माली को दे देता हूँ और वह उन्हें , फूल वालों को बेच देता है जिससे मुझे भी कुछ पैसे मिल जाते हैं। तुम्हारी वजह से ही मेरी कुछ आमदनी भी हो जाती है।

अब तुम उदास न होना कभी।”

फूटा घड़ा खुश हुआ और अगले दिन से खुशी खुशी उन फूलों की सिंचाई करने लगा।


सीख | Kisan ki Kahani : : ” हर चीज मूल्यवान होती है। बस उस वस्तु को पहचानना पड़ता है।”


किसान और रानी


   एक गांव में एक किसान रहता था। वह खेतों में काम करके बहुत मेहनत किया करता था। वह अपनी पत्नी के साथ एक झोपड़ी में रहता था।

उसकी पत्नी हमेशा उससे परेशान ही रहा करती थी। घर को संभालने की बजाय वह हमेशा अपने पति को कोसते रहती थी। उसका कहना था कि वह अपने घर को अच्छे से चलाने के लिए रुपये नहीं कमाता।

किसान भी हमेशा तनाव में ही रहता था।

   एक दिन किसान और उसकी पत्नी घर पर झगड़ा कर रहे थे। तब उस राज्य के राजा और रानी उस गांव का दौरा करने के लिए आए। उनका रथ किसान की झोपड़ी के बाहर से होते हुए निकला।

राजा और रानी ने किसान और उसकी पत्नी का झगड़ा सुनकर वहीं रुक गए और और रानी ने फिर राजा से कहा, ” मझराज पत्नी चाहे तो घर बना भी सकती है और बिगाड़ भी सकती है।

एक पत्नी को अच्छे से घर चलाने के लिए बहुत त्याग करने पड़ते हैं। अतः मैं चाहती हूं कि तीन महीनों के लिए मैं इस किसान के घर मे रहूं।

   अपनी पत्नी की बात सुनकर राजा मान गया। और किसान और उसकी पत्नी को बाहर बुलाया।

Kisan ki Kahani Moral Part- किसान से राजा ने कहा, ” हमने तुम्हारी सारी बातें और झगड़ा सुन लिया है। महारानी ने फैसला किया है कि आज से वे तीन महीनों के लिए तुम्हारे घर मे रहेंगी।

हमे भी हमारे राज्य की खुशहाली चाहिए।

तब तक तुम्हारी पत्नी महल में रह सकती है।”

सब राजी हो गए।

  रानी ने तीन महीनों में घर की सफाई, घर मे नई चीजें लाकर रखी, किसान को बचत करना सिखाया। उतने समय मे ही किसान की काया कल्प हो गयी। और उसने अपनी बचत से कुछ बैल और गायें भी ले ली।

वहीं दूसरी ओर, राजा के घर मे किसान की पत्नी  ने बहुत गंदगी फैला दी। राजा इससे परेशान होकर रानी के आने का इंतजार करने लगा।

तीन महीनों बाद जब किसान की पत्नी अपने घर आई तो इसे विश्वास ही नहीं हुआ की वह उसका घर है। तब महारानी ने उसे समझाया कि, घर छोटा हो या बड़ा उसको सँवारना एक पत्नी का उत्तरदायित्व होता है।

महारानी की बात सुनकर किसान की पत्नी बहुत लज्जित हुई। और रानी से अपने घर को अच्छी तरह से संभालने का वचन दिया।


सीख | किसान की कहानी : ” अपने पास जितना हो उसमे सन्तुष्ट रहना चाहिए और अपने आप को हमेशा विकसित करने की कोशिश करनी चाहिए।”


Story About Farmer in Hindi


किसान और बकरा


एक गांव में एक किसान रहता था। उसके पास एक बकरा और दो बैल थे। बैल से दिन भर किसान अपना हल जोता करता था। फिर शाम होते ही उन्हें गौशाला में बांध देता था।

   वहीं बकरा केवल रात को ही बैलों के साथ रहता था औऱ दिन भर वह इधर उधर घूमकर चरता ही रहता था। कुछ ही दिनों में वह खा खाकर बहुत हट्टा कट्टा हो गया था।

बैल अक्सर उसे चरता हुआ देखकर उसको बहुत खुशनुसीब समझा करते थे।

Unity is Strength Story Farmer in Hindi Moral Part- वहीं बकरा भी जब चरता था, तो उसे बैलों का ख्याल आता था। वह सोचता था कि मैं तो दिन भर खाता रहता हूँ।

लेकिन बैल बिचारे दिन भर मेहनत करते थे।

एक दिन बैल किसान के साथ खेत मे काम कर रहे थे। तभी किसान की पत्नी ने वहां बकरे को भी चरने के लिए छोड़ दिया। अब बकरा वहीं पास के खेत मे हरी भरी घाँस चर रहा था।

  तब बकरे ने उन्हें चरते हुए देखा। वह मन मे सोच रहा था, मुझे तो हरि भरी घास घर पर ही मिल जाती है और हरी पत्तियां भी किसान मेरे लिए ले आता है। मैं तो कुछ कार्य भी नहीं करता।

काश ये बैल भी बकरे होते! बकरे ने इस बारे में बैलों से बात भी की। लेकिन बैल इस पर मौन रहे।

   अगली सुबह जब बैल खेत के लिए निकल रहे थे तब उन्होंने देखा कि, किसान की पत्नी बकरे और रुपये लेकर एक कसाई से बात कर रही थी। तब बैलों ने सोचा कि बकरे के ठाठ अब कसाई के घर पर होंगे।


सीख | Short Farmer Story in Hindi for Kids : “किसी के भी आलस को उसके ठाठ नहीं समझने चाहिए।”


Conclusion | Kisan ki Kahani


आज आपने पढ़ी Kisan ki Kahani. आशा करते हैं, आपको आज की हमारी यह Short Farmer Story in Hindi for Kids कहानियां पसन्द आईं, अगर आई तो बताइए कमैंट्स में और बने रहिये sarkaariexam के साथ।

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