#6 Best Moral Stories in Hindi for Class 8 (Short Hindi kahaniyan)

आज आप जानेंगे 6 Best Moral Stories in Hindi for Class 8 जो Moral होने के साथ-साथ आपको Entertain भी करेंगी , और कुछ नया सीखने को भी मिलेगा।


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Short Moral Stories in Hindi for Class 8 


Moral Stories No. 1:

” जादुई गधा “


एक समय की बात है राजा अकबर बहुत दिन बाद श्री लंका से लौटे थे , वह लौटते समय अपने रानी के लिए एक बेशकीमती हीरों से जड़ा हार लाए थे।

राजा अकबर ने वह हार अपनी रानी को दे दिया , यह कहते हुए कि आप के लिये हम श्रीलंका से एक बेशकीमती चीज लाए हैं ,

जैसे ही रानी ने वह हार देखा रानी बहुत खुश हुई और राजा से बोली, मैंने अपनी जिंदगी में एसा हार कभी नहीं देखा, हम इस हार को हमेशा संभाल कर रखेंगे ,

तब राजा अकबर भी बोले जब भी आप यहां पहनेंगी बहुत खूबसूरत लगेंगी । रानी ने राजा अकबर को एक बार हार बनाकर दिखाया, और फिर उसे अलमारी में रख कर सो गई।


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रानी सुबह नाश्ता करने के बाद अलमारी में जब हार देखने गई , तो पता चला हार अल्वारी से गायब है, रानी ने पूरी अलमारी देखी, उसके अगल-बगल और सब जगह देख लिया।

पर हार कहीं नहीं मिला । रानी बहुत परेशान हो गई,

और उनके कमरे की देखभाल करने वाले सिपाही और दास- दासीयों से भी पूछा पर किसी ने भी हार देखने से मना कर दिया ,रानी को कुछ समझ नही आ रहा था, वह मन ही मन सोच रही थी,

कि राजा अकबर ने इतना बेशकीमती हार दिया था, उन्हें हार खोने की बात पता चलेगी ,

तो वह कितना बुरा मानेंगे। यह सोच सोच कर वह अपने को कोस रही थी।

राजा अकबर सुबह टहलने के लिए गए हुए थे , और जब वह घर लौटे , और रानी से मिले तो राजा ने रानी को परेशान देखकर कहा आप परेशान लग रही हैं क्या हुआ?

तब रानी ने रोते हुए राजा से बोला-

राजा अकबर जो आपने हमें हरा कर दिया था , वह कहीं नहीं मिल रहा है तब राजा ने सिपाहियों को बुलवाकर पूरा घर छनवा दिया,

पर हार नहीं मिला और उनको लगा कि शायद हार चोरी हो गया है।

रानी को रोता देख राजा ने बोला आप परेशान ना हो, हम आपको इससे भी अच्छा हाल लाकर देंगे । पर रानी ने मना कर दिया ,

और कहा आपने हमें कितने प्यार से वह हार दिया था, हमें वही हार वापस चाहिए ।

तब राजा ने बीरबल को बुलाया और बीरबल को सारी बात बताई और हार को जल्दी से जल्दी ढूंढने के लिए कहा,

और यह कहकर वहां से चल दिए बीरबल भी सोच में पड़ गए कि हार को कैसे ढूंढा जाए?

1 दिन बीत गया पर कोई सुराग नहीं मिला । बीरबल को यह तो पता था कि, हर दरबार के ही किसी व्यक्ति ने चोरा है।

अंत में बीरबल को एक सुझाव आया , और बीरबल ने सारे दास- दाशियों और सिपाहीयों के साथ एक सभा बिठाई। और वहां एक गधे के साथ उपस्थित हुए।

तब राजा अकबर ने पूछा , आपने हम सबको यहां क्यों बुलाया है, और आप भी गधे को सभा में क्यों लाए हैं ?

तब बीरबल ने कहा जहांपनाह यह एक जादुई गधा है , और यह चोर का पता लगाएगा ।

यह कहकर उन्होंने सारे सिपाहियों को और दास दासीयों को एक-एक करके गधे की पूछ छूने को कहा , जब सबने पूंछ छू ली,

तब बीरबल ने दास- दाशियों और सिपाहीयों का हाथ सुंघना शुरू किया, और एक दासी का हाथ सुंघते वक्त बीरबल ने कहा जहांपनाह यही चोर है ।

तब अकबर ने कहा- आप यह कैसे कह सकते हैं ?

बीरबल- जहापना हमने गधे की पूंछ पर इत्र लगाया था, और सभी के हाथ से इत्र की खुशबू आ रही है ।

पर इस दासी ने चोरी पकडी जाने के डर से गधे की पूंछ हुई ही नहीं। इसलिए उसके हाथ से इत्र की खुशबू नहीं आ रही है।

तब अकबर को यह बात समझ में आयी , और वह बोले वाह वीरबल वाह! आप सच में हमारे सबसे बुद्धिमान मंत्री हैं धन्यवाद आपका।

Moral of the Storyहमेशा चालाकी से काम लें. 

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Moral Short Hindi Stories for Class 8 No. 2:

” कर भला तो हो भला “


बहुत समय पहले की बात है , एक शहर में एक कबूतरों का झुंड रहता था। वह सब एक साथ रहते थे ,एक साथ खाना ढूंढंने जाते, और कोई भी परेशानी होती तो मिलकर संभालते।

पर 1 दिन जब वे सभी खाना ढूंढने जा रहे होते हैं, तब झुंड के एक कबूतर को हल्का बुखार होने के कारण वह उनके साथ नहीं जा पाता , तब कबूतरों का झुंड सोचता है,

कि वह अकेला कबूतर अब उस झुंड के साथ नहीं रहना चाहता है।

और जब कबूतरों का झुंड घर वापस आता है, तब अन्य कबूतर उस अकेले कबूतर को अपने झुंड से निकाल देते हैं।

अकेला कबूतर बिना किसी सफाई के वहां से चला जाता है, वह अब अकेला ही अपने नए घर की तलाश करने लगता है।

और जंगल की तरफ चला जाता है ,उसे वहाँ एक हरा भरा पेड़ दिखता है , और वह वहां घोंसला बना लेता है।

अगले दिन उसे बहुत भूख लगी होती है, और वह उस जंगल में खाना ढूंढने के लिए निकल पड़ता है ,

उसे एक जंगली फल का पेड़ दिखता है, और वह उन फलों को खाने लगता है फल खाने के बाद वह पेड़ पर ही सुस्ताने के लिए बैठ जाता है।

इतने में उसकी नजर एक चींटी पर पड़ती है वह चींटी पेड़ में ऊपर की ओर चढ़ रही होती है, ऊपर चढ़ते चढ़ते उसका पैर फिसल जाता है, और वह पेड़ के नीचे एक तालाब में गिर जाती है ,

वह बहुत संघर्ष करती है, पर निकल नहीं पा रही होती है । उसको बहुत देर हो जाती है संघर्ष करते-करते पर वह निकल नहीं पाती है,

उसको देखकर कबूतर को भी दया आ जाती है और वह उसकी मदद करने के बारे में सोचता है।

वह एक पत्ता तोड़कर उसके पास फेंक देता है और चीटी उसमें चढ़ जाती है , क्योंकि वह बहुत थक गई होती है , तो थोड़ी देर सुस्ताने के बाद वह कबूतर को धन्यवाद देती है।

कुछ दिनों बाद उस जंगल में एक चिड़िया को पकड़ने  वाला आदमी आता है ।

वह वही जमीन में कुछ दाने फेंकने के बाद उसमें जाल लगा देता है , जिससे चिड़िया का पैर जाल में फस जाए।

कबूतर उस दिन भी खाना ढूंढने के लिए निकला होता है। और देर तक खाना ना मिलने की वजह से वह एक पेड़ पर बैठ जाता है ,

अचानक उसकी नजर नीचे जमीन पर पड़ती है, जहाँ कुछ अनाज के दाने पड़े होते हैं।

वह सोचता है कि जमीन पर अनाज के दाने कहां से आए?

पर दूर-दूर तक कोई ना देखने के बाद वह हल्के हल्के अनाज खाने के लिए नीचे आ रहा होता है।

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इतने में वह चींटी भी वहीं से गुजर रही होती है चींटी की नजर पेड़ के पीछे छिपे चिड़ी-पकड़ कर जाती है ,और वह नीचे की ओर जाल पड़ा हुआ देखती है,

उसे कबूतर भी उस जाल की तरफ आता दिख जाता है, वह फटाफट जाकर चिड़ी पकड़कर पैर में इतनी जोर से काटती है , कि चिड़ी पकड़ जोर-जोर से चीखने लगता है।

और कबूतर उसकी आवाज सुनकर वहां से भाग जाता है ,और इस प्रकार चींटी कबूतर को जाल में पढ़ने से बचा लेती है ।

सीख- कबूतर ने चींटी की पानी से निकलने में मदद करी और चींटी ने भी कबूतर को चिड़ी- पकड़ से बचाया। इसलिए कर भला तो हो भला।

Moral of the Story: कर भला तो हो भला।


Moral Stories in Hindi for Class 8 No. 3:

” लालच बुरी बला है “


एक गांव में एक किसान रहता था , वह हमेशा दुखी रहता था , क्योंकि अन्य किसानों की फसल तो अच्छी होती थी, पर उसकी फसल अच्छी नहीं होती थी।

उसके पास धन भी उतना नहीं था जिसके कारण वह अच्छे बीज और खेती के लिए अन्य जरूरी चीजें ले पाए।

जिससे उसकी फसल बहुत खराब होती थी । एक दिन वह खेत में पानी देते देते खेत में ही सो जाता है सुबह जब उठता है,

तो देखता है, कि एक साँप खेत मे अपना फन फैलाकर बैठा है।

यह देखकर वह सोचता है यह सांप इस खेत का देवता है, और खेत में अच्छी फसल उगाने के लिए उसको साँप को प्रसन्न करना होगा ,
वह सांप से कहता है ही सर्प देवता मुझे आपके बारे में पता नहीं था ,

कल से मैं आपके लिए रोज दूध लाऊंगा । आप दूध को ग्रहण करके मुझे आशीर्वाद दीजिएगा, जिससे मेरी फसल अच्छी होगी।

अगले दिन किसान साँप के लिए दूध लाता है , और दूध की कटोरी वही रख कर चला जाता है । और जब अगले दिन वह अगली कटोरी में दूध लाता है ,

तब वह देखता है कि जो दूध उसने कल रखा था , उस कटोरी में एक स्वर्ण मुद्रा भी रखी है ।

फिर क्या था, वह साँप को रोज दूध देना शुरू कर देता है। और सांप भी बदले में रोज कटोरी में एक स्वर्ण मुद्रा छोड़ देता है ।

एक दिन किसान का शरारती बेटा भी उसके साथ खेत में जाता है, और सांप को दूध देता देख पूछता है , पिताजी यह साँप आपको काटता नहीं?

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उसके पिताजी कहते हैं , नहीं बेटा यह तो रोज दूध के बदले  मुझे एक स्वर्ण मुद्रा देता है, तब किसान का बेटा बोलता है,

तब तो कल से मै भी इसे रोज दूध पिलाऊंगा, और मुझे भी फिर एक रोज सोने की मुद्रा मिलेगी ।

तब पिताजी कहते हैं , क्यों नहीं अगले दिन उसका बेटा दूध लेकर जाता है और साँप को कटोरी में दूध देता है,
जब सांप उसका दूध पी रहा होता है ।

तब वह सोचता है यह हमें रोज एक-एक स्वर्ण मुद्रा देता है, ना जाने इसके पास कितनी सारी स्वर्ण मुद्राएं होंगी । क्यों ना मैं इसे मार कर इसके बिल से सारी स्वर्ण मुद्राएं एक साथ ही निकाल लूं।

वह एक लाठी लाता है और सांप को पीटने लग जाता है,

साँप अपना बचाव करने के लिए ,उसे काट देता है ,और किसान का बेटा मर जाता है । वहीं सांप भी उसका खेत छोड़कर चला जाता है । किसान अपने बेटे का क्रिया कर्म भी उसी खेत में कर देता है।

Moral thing of the Story– लालच बुरी बला है।


Class 8 Moral Stories in Hindi No. 4:

” जैसी करनी वैसी भरनी “


कुछ साल पहले बिहार के एक गांव में दो किसान रहते थे, दोनों के पास बहुत सारे खेत और बहुत सारी गाय थी, पर वह उसमें भी खुश नहीं रहते थे । और वे और अधिक धन कमाना चाहते थे ।

उसी गांव में एक और किसान रहता था वह बहुत गरीब था उसके पास एक ही खेत था,  जिसमें वह खेती करके अपना गुजारा करता था । और उसके पास एक गाय थी जिससे वह बहुत प्यार करता था,

उस गाय का नाम प्यार से उसने बसंती रखा था । गरीब किसान गरीब होने के बावजूद खुश रहता था। दोनों अमीर किसान गरीब किसान को हमेशा खुश देख उससे जलते थे

और अमीर किसान व गरीब किसान से जहां पर भी मिलते थे, वह उसका उपहास उड़ाते थे। एक दिन उनकी गरीब किसान का उपहास उड़ाते समय मतभेद हो गया ,

और अमीर किसानों ने गरीब किसान की गाय खरीदने के लिए कहा। और बदले में उसे 10 चांदी की मुद्राएं देने को कहा,

पर गरीब किसान न माना , और अमीर किसानों ने बदले की आग में रात में जाकर किसान की फसल जला दी,

जिससे उसको अपना खर्चा चलाने के लिए गाय बेचनी पड़ जाए, और हवा भी ऐसा ही,

गरीबी से घर में खाने के लाले पड़ने के कारण उसने अपनी गाय को बेचने की सोची।

किसान के पास 10 चांदी की मुद्राएं भी थी , वह मुद्राएं और गाय को लेकर अगले दिन शहर चल दिया । शहर जाते समय उसने सोचा कि मुझे रास्ते में कोई लूट भी सकता है,

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और मेरे पास यह 10 चांदी की मुद्रा आखरी बची है ।

यह सोचकर उसने मुद्राएं गाय की घंटी के अंदर छुपा दी, शहर जाते समय उसको थकान लगी और उसने आराम करने की सोची।

उसने अपनी गाय को एक पेड़ से बाधा , और खुद जाकर पेड़ की छाया में लेट गया कुछ देर बाद वहां से एक बहुत अमित जमींदार गुजरा,

और उसने देखा , गाय के मुह से चांदी का सिक्का नीचे गिरा (जो कि वास्तव में गाय के सिर हिलाने से उसकी घंटी से गिरा था)।

यह देखने के बाद उसने गाय को चमत्कारी गाय समझा, किसान जब गाय के पास वापस लौटा, तब जमींदार ने उससे उसकी गाय के बारे में पूछा , तब किसान ने कहा यह गाय में बेचने जा रहा हूं ।

तब जमींदार ने कहा आप यह गाय मुझे भेज दो मैं आपको 10 हजार स्वर्ण मुद्राएं देता हूं।

यह सुनकर उसको अपने कानों पर यकीन ना हुआ।

उसने अपनी गाय उस जमींदार को बेच दी । जब वह घर आया और मुद्राएं गिनने लगा,

तभी दोनों अमीर किसान भी वहां आ गए और उसके पास इतनी सारी स्वर्ण मुद्राएं देख कर चौक गए , और पूछा यह सब कैसे हुआ ? तब उसने कहा ,

यह सब उन्हीं की कृपा है, जिसने मेरे खेत को आग लगाई । यह सुनकर अमीर किसानों को बहुत पछतावा हुआ।

Moral of the Storyकभी किसी का बुरा मत सोचो.


Short Moral stories in Hindi for class 8 No. 5:

” मूर्ख और लालची कुत्ता “


एक कुत्ता था, जिसका नाम मूर्ति था, एक दिन उसे बहुत भूख लगी थी , खाना खोजते खोजते मूर्ति को एक रोटी मिली । मूर्ति उस रोटी को पूरे आनंद से खाना चाहता था।

इसलिए वह रोटी को मुंह में पकड़कर नदी की तरफ़ चला गया । नदी में एक लकड़ी का पुल था जब वह उस पुल पर चल रहा था, तब उसे पानी में अपनी ही परछाई दिखी ।

और वह अपनी ही परछाई को कोई दूसरा कुत्ता समझने लगा।

जिसके मुंह में भी एक रोटी थी , वह अपनी रोटी के साथ साथ उस रोटी को भी खाना चाहता था , इसलिए उसने रोटी छीनने के लिए नदी में कूद मार दी । और कूद मारते ही मूर्ति के मुंह में जो रोटी थी ,

वह भी उसके मुंह से छूटकर पानी में बह गई। और मूर्ति भूखा ही रह गया ।

There are 2 Moral of the Story

    1. हमें किसी भी काम को सोच समझ कर करना चाहिए। (Always work smartly.)
    2. लालच अच्छा नहीं होता। (Greed is bad.)

Moral Stories in Hindi for Class 8 No. 6:

” गधा और धोबी “


एक धोबी था , वह बहुत गरीब था। उसके पास एक बड़ा गधा था , जो बहुत कमजोर था , क्योंकि धोबी उसे खाने पीने के लिए ज्यादा कुछ नहीं दे पाता था । एक दिन धोबी को एक मरा हुआ बाघ मिला।

और उसने एक योजना बनाई,

कि क्यों ना मैं इस बाघ की खाल को अपने गधे को पहना दूं। इससे वह घास भी भरपूर मात्रा में चर पाएगा । और खेत वाले भी उससे डरेंगे, और उसके पास नहीं आएंगे।

उसकी योजना रंग भी लायी। परंतु एक दिन जब वह बाघ के वेश में घास चर रहा था, तब उसे एक गधी की रेंकने की आवाज सुनाई दी, जिससे वह भी जोर जोर से रैंकने लगा।

और गांव वालो को पता चल गया, कि वह बाघ नहीं है , गधा है ।

जिससे उन्होंने गधे की खूब पिटाई की। और धोबी को भी बहुत खरी-खोटी सुनाई।

इससे हमें सबक मिलता है कि हमें अपनी असलियत कभी भी नहीं छुपानी चाहिए।

Moral thing of the Storyअपनी असलियत कभी भी नहीं छुपानी चाहिए। (Never hide your reality.)


Conclusion-


दोस्तों आज आपने जानी 6 Best Moral Stories in Hindi for Class 8 (Short Hindi Kahaniya)
जिन मोरल Stories ने Hindi में होने के साथ-साथ आपको Entertain भी किया होगा। और जो Class 8 और अन्य कक्षा के बच्चों के लिए सीख (Moral) दायक रही होंगी।

ऐसी ही और मोरल स्टोरीज जानने के लिए बने रहिए,  Sarkaariexam.com के साथ .

thanks…

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