Great Thirsty Crow Story in Hindi | Moral Pyasa Kauwa Story 2020

आज यह है Thirsty Crow Story in Hindi, उम्मीद है, आपको आज की हमारी यह मोरल Pyasa Kauwa Story पसन्द आएगी,

और आपको एंटरटेनमेंट के साथ साथ बहुत कुछ सीखने को भी मिलेगा।


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Thirsty Crow Story in Hindi:


” प्यासा कौआ “


        एक बार की बात है। ग्रीष्मकाल में बहुत ही गर्मी पड़ रही थी, जल के स्रोत, नदी-नाले, कुएं तालाब आदि सब सूखने लगे थे। सभी जगहों में पानी का अकाल जैसा छा गया था।

लोग तो लोग, सभी जानवर , पक्षी सब इस समस्या से बहुत ही परेशान थे।

जानवर एक जंगल से दूसरे जंगल किसी तालाब , नदी आदि के लिए भटक रहे थे।

उन्हीं दिनों की बात है एक कौआ कई दिनों से प्यासा था। उसने बहुत दिनों से पानी की एक बूंद भी नहीं पी थी। पीता भी कहाँ से, पानी का अकाल जो पड़ा था।

  कई दिन बीत गए। कौआ कड़ी धूप में इधर से उधर पानी की तलाश में भटकता रहता। वह जंगल से गांव की ओर पानी ढूंढता हुआ चला आया।

गांव में भी गर्मी से पड़े सूखे की वजह से बुरे हाल थे। कौआ तो प्यासा था ही, गर्मी बढ़ते ही जा रही थी और कौए के मन में ख्याल आ रहा था कि कहीं गर्मी के कारण वह मर न जाए।

       पूरा गांव छानने के बाद,गाँव के आखरी घर के आंगन में कौए को एक मटका दिखाई दिया। निराश कौआ उस मटके की ओर गया, उसे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी,

कि उस मटके में पानी हो सकता है। जैसे ही वह मटके के ऊपर पानी देखने के लिए बैठा, उसे दिखा कि मटके की अंदर कुछ मात्रा में पानी था।

कौए ने मटके के अंदर अपनी चोंच डाली और पानी पीना चाहा। लेकिन पानी बहुत नीचे था। कौए की चोंच वहां तक पहुंच ही नहीं पा रही थी। वह बहुत निराश हो गया।

उसने सोचा शायद यह पानी मेरे नसीब में ही नहीं है। वह उड़कर जाने लगा,  कि तभी उसे मटके के पास पड़े हुए कुछ कंकड़-पत्थर नजर आए।

तभी उसे सुझाव आया -” अगर मैं इन कंकड़ों को मटके में डाल दूँ,  तो कंकड़ सतह में चले जायेंगे और पानी ऊपर आ जाएगा।”

यह सोचते ही वह इस तरकीब को अपनाता है और नीचे पड़े कंकड़ों को एक एक करके चोच में उठाकर लाता है, फिर उसे पानी में डाल देता है।

एकाएक बहुत सारे कंकड़ वह मटके में डाल देता है। तरकीब के अनुसार आखिरकार उसकी मेहनत रंग लाती है। कंकड़ नीचे बैठ जाते हैं और पानी ऊपर आ जाता है।

कौआ अपनी चोंच फिर मटके में डालता है और इस बार उसे पानी पीने को मिल ही जाता है।

वह जी भर के मटके से पानी पीता है। और उसकी प्यास बुझ जाती है।

थोड़े दिनों बाद वर्षा ऋतु आ जाती है और  सब कुछ फिर से हर भरा हो जाता है।


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सीख | Moral Of Thirsty Crow story in Hindi – ” मेहनत, सूझ-बूझ और लगन से हर कार्य सम्भव हो जाते हैं और पानी की हर एक बूंद कीमती है, इसे व्यर्थ न करें।”

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Story Like Pyasa Kauwa story in hindi:


” चित्रकार कौआ “


    एक बार एक जंगल में एक कौआ रहता था। वह बहुत अच्छी चित्रकारी करता था। उसे मुख्यतः प्राकृतिक वस्तुओं की सुंदरता, अपने चित्रों में रचना बेहद पसंद था।

एक दिन वह पहाड़ की ऊंची चोटी पर गया,

और वहां पर खड़े होकर प्रकृति का सुंदर दृश्य अपनी कला से एक तख्त पर उभारने लगा।

उसने वह सुन्दर चित्र बनाना शुरू कर दिया।

थोई ही देर में उसका चित्र बनकर तैयार हो गया। चित्र बन जाने के बाद कौआ इधर उधर जाकर उस चित्र को देखता, हर कोने हर कोण से अपने चित्र को देखने लगा।

जहाँ जहाँ भी कमी मालूम पड़ती वह उस कमी को अपनी कलाकारी द्वारा सही कर देता था। तभी दूर से चित्र कैसा दिख रहा है, सोचकर वह एक एक कदम लेकर पीछे की ओर बढ़ रहा था।

पीछे जाते जाते वह चोटी के किनारे पर आ पहुंचा। उसे न तो उड़ने की धुन थी न ही अपनी जान की परवाह । बस अपने चित्र को ही देखे जा रहा था। वह बिल्कुल किनारे पे आ पहुंचा।

     तभी वहां से एक कोयल गुजर रही थी। कोयल ने देखा कि कौआ तो बिल्कुल किनारे में खड़ा है यदि इसने एक कदम भी पीछे को हटाया तो यह मौत के घाट उतार जाएगा।

कोयल ने जल्द से जाकर उसका बना बनाया चित्र फाढ़ दिया।

यह देख कर कौए को बहुत ही गुस्सा आया।

और उसने उड़कर कोयल को धर दबोचा।

कौए को बहुत गुस्सा आया था तो कौए ने कोयल से गुस्से में कहा,” यह क्या किया तुमने? मैं ने इसे बड़ी ही मेहनत और लगन बनाया था और तुमने इसे एक पल में ही तबाह कर दिया।

आखिर क्यूँ। मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है?”

इतने में कोयल ने जवाब दिया, ” यदि मैं आपके चित्र को नहीं फाड़ती तो आप घाटी में गिरकर मर जाते आपके पीछे एक बड़ी भयंकर खाई है, और आप तो चित्र बनाने में इतना व्यस्त थे,

कि आपको उड़ने का भी नहीं सूझ रहा था। मुझे जैसा ठीक लगा मैन वैसा ही किया ।आपकी जान ज्यादा कीमती है, इस चित्र से।”

कौए को अपनी लापरवाही का अंदाजा हो गया था। अब कौए ने कोयल से अपने बुरे बर्ताव के लिए माफी मांगी। औए कोयल को अपनी चित्रकारी का एक चित्र भेंट में दिया।


” सीख | Moral Of this Story like Pyasa Kauwa Story in Hindi:- ” लापरवाही का कार्य मुश्किल में डाल देता है।

लापरवाही किसी भी कार्य को करने में नहीं करनी चाहिए “

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Another Story Like Thirsty Crow Story in Hindi :


” चिंटू चिड़िया “


       एक बार एक गांव में सभी किसानों की सभी फसलें बहुत अच्छी हुई।  मक्के की फसल वाले खेत में एक चिड़िया, जिसका नाम चिंटू था, ने अपना घोंसला बनाया था,

चिंटू चिड़िया अपने दो बच्चों के साथ उस घोंसले में बड़े ही शांतिपूर्ण ढंग से रहती थी।

     मक्के की फसल तैयार हो चुकी थी, उस खेत का किसान अपनी फसल को देखने के लिए अपने खेत में आया और अपने साथ दो – तीन नौकरों को भी लाया। फसल अच्छी तरह से पक चुकी थी,

अतः किसान ने अपने नौकरों से कहा, ” हमारी फसल बिल्कुल तैयार है, कल ही तुम दोनों जाकर हमारे सारे रिश्तेदारों को बुलाकर यहां खेत में ले आना हम कल ही सारी फसल काटेंगे।”

नौकरो ने हामी भरी और सब खेत से वापस अपने घर चले गए।

इस दौरान चिंटू चिड़िया अपने बच्चों के लिए खाना लेने गयी थी। लेकिन चिंटू चिड़िया के बच्चे भी बहुत होशियार थे उन दोनों ने खेत के मालिक की सारी बात सुन ली थी।

शाम को चिंटू बच्चों के लिए खाना लेकर घोंसले में पहुँची ही थी, कि बच्चों ने उसे सारी बात बताई और कहा,-

” मां अब हम क्या करेंगे, हमे तो अपना प्यारा सा घर यह घोंसला छोड़कर कहीं और जाना होगा।

ये लोग हमसे हमारा घर छीन लेंगे क्या माँ!”

जब चिंटू ने यह सुनी की, फसल खेत के मालिक के रिश्तेदार काटने वाले हैं तो वह निश्चिंत हो गयी और अपने बच्चों से उसने कहा, ” तुम लोग चिंता मत करो,

हम यहां से कहीं नहीं जाएंगे। तुम लोग खाना खाओ।”

दोनों बच्चे खुश हुए और चैन से खाना खाने लगे”।

    अगले दिन मालिक अपने नौकरों के साथ फिर से खेत पर पहुंचा। उसने देखा कि उसका एक भी रिश्तेदार वहां खेत में फसल काटने के लिए नहीं आया था।

वह निराश हुआ औऱ इस बार उसने नौकरों से कहा, “कल तुम लोग सारे पड़ोसियों से कहना और सबको फसल काटने के लिए यहां बुलाकर लाना। “

नौकर राजी हो गए, वह तीनो फिर से घर की ओर चले गए। इस दिन चिंटू चिड़िया अपने बच्चों के साथ अपने घोंसले में ही थी, वह देखना चाहती थी,

कि किसान के रिश्तेदार फसल काटने आते हैं या नहीं। जैसा उसने सोचा था वैसा ही हुआ। उन लोगों के जाते ही उसने अपने बच्चों से कहा,  “देखो बच्चों अभी घोंसला छोड़ने की कोई जरूरत नही है।”

अगले दिन किसान फिर खेत मे आया। उसने पाया कि कोई भी पड़ोसी उसकी मदद के लिए खेत पर नहीं आया। उसने कहा, ” बस बहुत हुआ!

अब मैं अपनी फसल मैं स्वयं काटूंगा।” वह फसल काटने की तैयारी करने घर चला गया।

इस बार चिंटू चिड़िया ने अपने बच्चों से कहा, ” बच्चों! अब हमें तुरंत यह घोंसला छोड़ देना चाहिए। क्योकि इस बार यह फसल कटनी ही कटनी है।”

वे अपना घोंसला छोड़कर एक बड़े पेड़ में चले गए। जहाँ उन्होंने एक नया घोंसला बनाया , और शांति से वहीं रहने लगे।


” सीख | Moral Of this Story like Pyasa Kauwa Story in Hindi with Moral:- “अपना कार्य स्वयं करें । दूसरों के भरोसे न रहें, इससे आपका भी नुकसान होता है, और आपके कार्य का भी”

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Another Story Like Pyasa Kauwa:


” अमीर और गरीब “


      एक बार एक जंगल में कौआ और हिरन रहते थे। कौआ बहुत गरीब था, वहीं हिरन बहुत ही अमीर था. उसके पास धन की कोई कमी नहीं थी। वे दोनो अच्छे मित्र थे।

कौआ छोटा मोटा-काम कर अपने लिए इतना कमाता था कि उसका पेट भर सके। वह बहुत ही खुशमिजाज और मस्तमौला था। वह शाम को घर आकर खाना खाता और गाना गाकर सो जाता।

वह सोते समय अपने घर को किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं देता था। सब कुछ खुला छोड़कर वह ऐसे ही सो जाता था। सुबह उठकर वह पूजा-पाठ किया करता था, और अपने काम में जुट जाता था।

वहीं हिरन बहुत अमीर था उसके पास अनाज, अन्य खाने का सामान, और  धन किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं थी।

लेकिन वह अपने अन्न-धन की रक्षा करने के लिए खुद कभी चैन से नहीं सो पता था। उसे एकपल का भी सुकून नहीं था, हिरन को हमेशा चिंता लगी रहती थी कि कहीं कोई उसका धन न ले जाए।

  हिरन कौए का मित्र जरूर था लेकिन वह उससे ईर्ष्या भाव रखता था, क्योकि वह बहुत खुश रहता था।

एक दिन हिरन ने कौए को अपने घर बुलाया और उसने कौए के खुशहाल जीवन में दुविधा उतपन्न कर दी। उसने कौए को 3 महीने का अनाज और कुछ धन दिया और कहा,

” तूम मेरे मित्र हो, मेरी तरफ से यह छोटी सी भेंट स्वीकार करो। इसे अपना ही समझो।”

कौआ यह देखकर की हिरन उसको कितना अच्छा मानता है, वह बहुत खुश हुआ और अपने घर सारा सामान लेकर पहुंच गया।

Main part of this Story like Pyasa Kauwa Story in Hindi with Moral- रात हुई, और आज कौए को कुछ काम नहीँ करना पड़ा क्योंकि उसके पास अनाज था, ही.

उसने उसमे से कुछ दाने खाए और सो गया। उसकी नींद रात भर खुलती रही,

और उसने उठकर सारे घर को सुरक्षित कर लिया, और अपना घर ढककर सोने की कोशिश करने लगा। उस रात उसको बिल्कुल भी नींद नहीं आई। दूसरे दिन भी ऐसा ही हुआ।

  अब वह बेचैन हो उठा। वह सारा सामान लेकर हिरन के घर गया। उसने हिरन से कहा, ” मित्र मैं यह नहीं रख सकता।

तूमने मेरे बारे में इतना सोचा धन्यवाद! मैं इतने सारे समान की वजह से रात को सो नहीं पा रहा हु. बार बार मेरी आँख खुल जाती है, की कहिं कोई यह चोरी कर के न ले जाए,

मुझे अपना घर बन्द कर के सोना होता है। और तो और मैं गाना भी नहीं गा पा रहा हूं। यह सब मेरी प्रकृति के विपरीत है। कृपया आप इसे वापस रख लो।” इतना कहकर कौआ अपने घर आ गया।

वह फिर से अपना खुशहाल जीवन जीने लगा।


” सीख | Moral Of this Story like Thirsty Crow Story in Hindi:-”  धन से हर प्रकार की खुशियां नहीं खरीदी जा सकती।”

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Unique Story like Pyasa Kauwa Hindi Story:


” बैल और चूहा “


          एक बार की बात है एक पेड़ के पास बिल मे एक चुहा रहता था, वह बहुत ही नटखट था। एक दिन वह बिल से बाहर किसी काम से आया। जैसे ही वह बाहर आया,

उसने देखा कि एक बड़ा सा बैल पेड़ की छांव में सोया है।

चूहे को मस्ती सूझी, और वह बैल के पास गया। बैल आराम से घर्राटे मार कर सो रहा था। चूहे ने चुपके से जाकर उसकी नाक में काट दिया।

Story Like Thirsty Crow Story in Hindi with Moral start- बैल हड़बड़ी में जग गया। उसे बहुत गुस्सा आया। दर्द की वजह से वह जोर से डकारा।

चूहा डर के मारे वहां से सरपट भागा, बैल ने पूरी ताकत से उसका पीछा किया।

चूहा झटपट एक दीवार के बिल में जा छिपा। अब बैल उसको कैसे पकड़ता!

बैल बहुत गुस्से से बहुत ही सन्नाया हुआ था। उसने चूहे को सजा देने की ठान रखी थी। उसने गुस्से में चिल्लककर कहा,” नालायक चूहे! मैं तुझे बताऊंगा, कि किसी ताकतवर जानवर से पंगा लेने का अंजाम क्या होता है। तू रुक !!”

    बैल ताकतवर था। वह दीवार को अपने सिर से धक्का मारकर तोड़ने की कोशिश करने लगा। परन्तु दीवार भी बहुत ही मजबूत थी। उसका सिर चकरा गया,

लेकिन वह दीवार टूटने का नाम ही नही ले रही थी। बल्कि बैल के सिर में ही बार बार चोट लग रही थी।

Intrusting Part of Story like Thirsty Crow Story in Hindi- यह देख कर चूहे ने बैल को चिढ़ाने की कोशिश की वह कहने लगा,

“‘ ओ मूर्ख बैल! क्यों अपना सिर बेकार में फोड़ रहा है, ऐसा करने से तेरे हाथ में, मैं नहीं लगने वाला , हमेशा तेरे मन की नहीं चलेगी।”
बैल चूहे को बिना सबक सिखाए मानने वाला नहीं था।

वह बहुत क्रोध में था, उससे यह सहन नहीं हो रहा था कि एक तुच्छ से जानवर ने उसकी बेइज्जती की। बैल नहीं माना और फिर जोर जोर से दीवार पर मारने लगा,

उसके सिर से अब खून आने लगा। उसको सिर में बहुत जोर से चोट लग गयी।

बैल का जोश कम हुआ और उसे चूहे की कही बात समझ में आ गयी। वह चुपचाप वहां से चले गया।

चूहे के ये शब्द “हमेशा तेरे मन की नही चलेगी” उसके मन में घूम रहे थे।


” प्यासा कौवा जैसी कहानी की सीख :- “बुद्धि हमेशा शक्ति से बड़ी होती है।’

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Conclusion :


आशा करते हैं, आपको आज की हमारी यह कहानी Thirsty Crow Story in Hindi. पसन्द आयी होगी, Pyasa Kauwa Story ऐसी और रोचक कहानियों,

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