बातूनी कछुऐ की कहानी | Two Swan & Turtle Story in Hindi | बातूनी कछुआ

आज हम देखेंगे बातूनी कछुऐ की कहानी (Two Swan & Turtle Story in Hindi). आशा करते हैं, आपको इस बातूनी कछुआ मोरल कहानी से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।


बातूनी कछुआ


बातूनी कछुआ


जंगल की एक बार की बात है, एक जंगल मे एक कछुआ रहा करता था, वहीं बहुत से और भी उसके साथ के जानवर रहते थे। तालाब के किनारे ही दो सारस पक्षी भी रहा करते थे।

कछुआ जब भी तालाब के अगल बगल टहलता, तो उसे वे सारस पक्षी दिखाई देते थे। समय बीतता गया, धीरे धीरे, उन में बात चीत शुरू हुई और वे कुछ ही समय मे बहुत अच्छे एक दूसरे के दोस्त भी बन गए।

    एक बार जंगल मे बहुत गर्मी पड़ी, और जंगल मे अचानक सूखा पड़ गया। वह जंगल के सारे तालाब भी सूखने लगा थे। जहां पर कछुआ और सारस पक्षी रहा करते थे। सभी पक्षी और जानवर नये जगह रहने का जुगाड़ करने लगे।

दोनों सारसों ने भी अपने अपने रहने के लिए दुसरे जंगल मे एक अच्छी नई जगह ढूंढ ली। एक दिन जब कछुआ सारसों से मिलने आया तो एक सारस ने कछुए से कहा, सुनो कछुए भाई!

हम दोनों भाई ने तो अपने इस सूखे से बचने के लिए एक नया स्थान खोज लिया है। क्या तुमने भी अपने रहने के लिए कोई नया स्थान ढूंढा? यह जगह तो कुछ दिनों में खाली हो जाएगी ”

  उस समय कछुआ परेशान सा होकर बोला, नहीं भाई मैंने अभी तक कोई रहने का आशियाना नहीं ढूंढी है।

सारस फिर बोला, कछुए भाई आप परेशान न हो। हम तुम्हारे दोस्त हैं हम तुम्हारी हर तरह से मदद करेंगें।”

उस समय सब ने सोचा कि कछुए को भी वहीं ले चलते हैं, जहाँ पर दोनों सारस रहने वाले हैं। लेकिन अब एक समस्या और आ गयी, कछुए की चलने की चाल बहुत अधिक धीमी थी और दोनों सारस उड़कर अपना मार्ग कम समय मे तय करते थे।

  उस समय दोनों सारसों ने एक अच्छी तरकीब लगाई। तरकीब के अनुसार कछुए को अपने मुंह से एक बड़ी सी डंडी पकड़नी थी और उसी छड़ी को दोनो सारस दोनों छोर से पकड़कर उड़ने वाले थे,

जिससे सब एक साथ सरस द्वारा खोजे गए नए आशियाने पर पहुंच जाएं।

लेकिन चलते समय सारसों ने कछुए को चेतावनी दी थी कि वे रास्ते मे कहीं भी अपना मुंह बिल्कुल भी न खोलें , नहीं तो वह नीचे गिर जाएगा, ओर नीचे गिरने से उसकी मौत भी हो सकती है।

  यह चेतावनी देते हुए, सरस कछुए को लेकर उड़ गए। रास्ते मे कुछ बच्चे नीचे खेल रहे थे, उन्होंने कछुए को देखकर कहा,  उड़ने वाला कछुआ। और मज़ाक उड़ाने लगे।

   कछुए उत्तेजित हो गया, और उसने गुस्से मव आकर अपना मुंह बोलने के लिए खोल दिया और वह नीचे गिर गया, और गिरने से मर गया। सारसों को अपने मित्र को खो देने का बहुत दुख हुआ। और वे चले गए।

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सीख | बातूनी कछुआ – ज्यादा बातूनी भी अच्छा नहीं।


आज अपने देखी बातूनी कछुऐ की कहानी (Two Swan & Turtle Story in Hindi)। आशा करते हैं, आपको यह कहानी पसन्द आयी, और इससे बहुत कुछ सीखने को मिला होगा।

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